अमेरिका को अपने वादे का पालन कर सही रास्ते पर लौटना चाहिए

अमेरिका को अपने वादे का पालन कर सही रास्ते पर लौटना चाहिए
अमेरिका को अपने वादे का पालन कर सही रास्ते पर लौटना चाहिए बीजिग, 30 जुलाई (आईएएनएस)। 28 जुलाई की रात चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने निमंत्रण पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ फोन पर वार्ता की। राष्ट्रपति शी ने चीन और अमेरिका दोनों बड़े देशों के कर्तव्यों का व्याख्यान किया और द्विपक्षीय संबंधों तथा चीन के विकास के प्रति अमेरिका का गलत अनुमान और गलत समझ की चर्चा की और मुख्य तौर पर थाईवान सवाल पर चीन के सैद्धांतिक पक्ष पर प्रकाश डाला। राष्ट्रपति बाइडेन ने कहा कि वे अमेरिका-चीन सहयोग और मतभेदों के नियंत्रण में लगेंगे और अमेरिका की एक चीन की नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है और बदलेगी भी नहीं। अमेरिका तथाकथित थाईवानी स्वाधीनता का समर्थन नहीं करेगा।

इस वार्ता में दोनों पक्षों ने मतभेदों का सामना करने के साथ सहयोग की इच्छा भी व्यक्त की है। शी ने कहा कि चीन और अमेरिका को समग्र आर्थिक नीतियों के समन्वय ,वैश्विक व्यावसायिक चेन व सप्लाई चेन की स्थिरता की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा तथा खाद्यान्न सुरक्षा समेत महत्वपूर्ण सवालों पर संपर्क बनाए रखना चाहिए। उन्होंने बल दिया कि दोनों पक्षों को ज्वलंत क्षेत्रीय मुद्दों के समाधान को बढ़ाना, विश्व को यथाशीघ्र ही महामारी तथा आर्थिक मंदी से निकलने की मदद देना और यूएन से केंद्रित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था तथा अंतरराष्ट्रीय कानून आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की सुरक्षा करनी चाहिए। शी की बातों ने वास्तव में भावी चीन अमेरिका सहयोग के लिए रास्ता दिखाया है।

उधर राष्ट्रपति शी ने वार्ता में थाईवान सवाल पर चीन के पक्ष पर जोर लगाया। इसका कारण है कि थाईवान सवाल चीन अमेरिका संबंधों में सबसे अहम और सब से संवेदनशील सवाल है और वर्तमान में थाईवान जलडमरूमध्य की स्थिति में अमेरिका के निरंतर ललकारने से तनाव बढ़ रहा हैं।

थाईवान सवाल पर शी ने अमेरिका को स्पष्ट संदेश दिया है। अमेरिका को समझना चाहिए कि अगर थाईवान सवाल का समुचित निपटारा नहीं हुआ ,तो इससे चीन अमेरिका संबंधों पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। इस मुद्दे पर अमेरिका की कथनी और करनी में अंतर नहीं होना चाहिए।

(साभार---चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)

--आईएएनएस

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