आईईडी बरामद होने के बाद दिल्ली के गाजीपुर में सुरक्षा कड़ी की गई

आईईडी बरामद होने के बाद दिल्ली के गाजीपुर में सुरक्षा कड़ी की गई
आईईडी बरामद होने के बाद दिल्ली के गाजीपुर में सुरक्षा कड़ी की गई नई दिल्ली, 15 जनवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी की गाजीपुर फूल मंडी से एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बरामद होने के एक दिन बाद पुलिस ने इलाके और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। एक अधिकारी ने यहां शनिवार को यह जानकारी दी।

राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) और दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने शुक्रवार को अज्ञात राष्ट्रविरोधी तत्वों द्वारा भीड़ भरे बाजार में रखे गए तीन किलोग्राम वजनी आईईडी को समय पर डिफ्यूज करके शहर में एक बड़े आतंकी हमले को टाल दिया।

अतिरिक्त डीसीपी (पूर्वी जिला) विनीत कुमार ने आईएएनएस को बताया, हमने इलाके में पुलिस बल की उचित तैनाती कर दी है और जांच की जा रही है।

उन्होंने बताया कि क्षेत्र में आस-पास की फल और सब्जी मंडी आज खुली है, क्योंकि यह छूट की श्रेणी में आती है जबकि गाजीपुर फूल मंडी दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा लगाए गए कोविड प्रतिबंधों के कारण बंद है।

विस्फोटकों से भरे संदिग्ध बैग को सबसे पहले एक स्थानीय विक्रेता ने देखा था, लेकिन उसने इस पर ध्यान नहीं दिया और वहां से चला गया। कुछ देर बाद जब वह लौटा, तो बैग वहीं पड़ा हुआ था, जिसके बाद उसने इलाके के एक सिविल डिफेंस वॉलंटियर को सूचित किया, जिसने अंतत: सुबह लगभग 10.16 बजे पीसीआर को कॉल की और दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) विभाग को भी उसी समय सूचित किया गया।

डीएफएस अधिकारी ने आईएएनएस से पुष्टि की कि उन्हें सुबह करीब 10.20 बजे शहर की गाजीपुर फूल मंडी में एक लावारिस बैग के बारे में फोन आया, जिसके बाद दमकल की एक गाड़ी को मौके पर भेजा गया।

मामले को बहुत गंभीर देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुबह करीब 11 बजे संदिग्ध वस्तु के बारे में एनएसजी को सतर्क किया, जिसने अपना बम निरोधक दस्ता भेजा। इसके बाद पुलिस ने लोगों की सुरक्षा के लिए पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। फिर बम निरोधक दस्ते ने पुलिस कर्मियों की मदद से एक खुले मैदान में लगभग आठ फीट की खाई खोदी, जहां आईईडी से भरे बैग को डिफ्यूज कर दिया गया।

एनएसजी ने उस खाई में बरामद आईईडी का एक नियंत्रित विस्फोट (डिफ्यूज) किया, जिससे कई लोगों की जान बच गई। अगर बम को समय पर नहीं देखा जाता और समय रहते इसे निष्क्रिय नहीं किया गया होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।

--आईएएनएस

एकेके/एएनएम

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