आर्थिक संप्रभुता नहीं होने से प्रभावित होती है विदेश नीति : पाक एनएसए

आर्थिक संप्रभुता नहीं होने से प्रभावित होती है विदेश नीति : पाक एनएसए
आर्थिक संप्रभुता नहीं होने से प्रभावित होती है विदेश नीति : पाक एनएसए नई दिल्ली, 10 जनवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान की विदेश नीति अभी भी अमेरिका के प्रभाव से मुक्त नहीं है। यह बात पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) मोईद यूसुफ ने कही है।

जियो न्यूज ने एक साक्षात्कार में एनएसए के हवाले से कहा, यह अभी भी (अमेरिकी प्रभाव से मुक्त) नहीं है और मुझे संदेह है कि कोई भी देश इससे मुक्त है।

यूसुफ ने कहा कि पाकिस्तान के पास वित्तीय और आर्थिक स्वतंत्रता नहीं है। उन्होंने कहा कि देश के पास उसकी आबादी की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त पूंजी नहीं है और जरूरतें लगातार बढ़ रही हैं।

उन्होंने कहा, जब हम मांगों को पूरा नहीं कर सकते, तो हम विदेशी ऋण मांगते हैं। जब आप ऋण लेते हैं, तो आपकी आर्थिक संप्रभुता से समझौता होता है।

जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, यूसुफ ने कहा कि जब भी कोई देश अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) या किसी अन्य संस्थान से कर्ज मांगता है तो उसमें उसकी आर्थिक संप्रभुता शामिल होती है।

अफगानिस्तान पर पाकिस्तान की योजनाओं के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, अब इस वजह से, यह देश की विदेश नीति को प्रभावित करता है और जब विदेश नीति प्रभावित होती है, तो आप मामलों को नहीं संभाल सकते।

यूसुफ ने कहा कि जब कोई देश अंतरराष्ट्रीय ऋणदाताओं पर निर्भर होता है, तो वह मानव कल्याण या पारंपरिक सुरक्षा - सशस्त्र बलों और आंतरिक सुरक्षा के लिए संसाधनों का आवंटन नहीं कर सकता है।

एनएसए ने कहा, किसी देश को तब तक वित्तीय आजादी नहीं मिल सकती, जब तक वह अपने संसाधनों से सभी स्थानीय मांगों को पूरा नहीं करता।

--आईएएनएस

एकेके/एएनएम

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