एलजी ने विशेष अदालतों में न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों की भर्ती को दी मंजूरी

एलजी ने विशेष अदालतों में न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों की भर्ती को दी मंजूरी
एलजी ने विशेष अदालतों में न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों की भर्ती को दी मंजूरी नई दिल्ली, 22 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत पंजीकृत मामलों के बैकलॉग को निपटाने के लिए पांच विशेष अदालतों में 5 न्यायिक अधिकारियों और 35 लिपिक और अन्य सहायक कर्मचारियों की भर्ती को मंजूरी दे दी है।

ये नियुक्ति एक वर्ष की अवधि के लिए अनुबंध के आधार पर एक पायलट परियोजना के रूप में की जाएगी।

इस कदम का उद्देश्य अधिनियम के तहत अदालती मामलों के निपटान में तेजी लाना और इन अदालतों में लंबित मामलों की संख्या को कम करना है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में कानून विभाग ने अदालत के कर्मचारियों को नियुक्त करने के लिए उपराज्यपाल की मंजूरी मांगी थी।

दिल्ली उच्च न्यायालय की राज्य न्यायालय प्रबंधन समिति ने सिफारिश की है कि पायलट परियोजना के शुरू होने के समय केवल 2,500 पुराने लंबित मामलों को मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट (सीएमएम) द्वारा प्रत्येक विशेष अदालत (एनआई अधिनियम) को सौंपा जाएगा।

यह देखा गया है कि एनआई अधिनियम के तहत लंबे समय तक लंबित मामले जो ज्यादातर छोटे वित्तीय विवादों से निपटते हैं, जिनमें चेक बाउंस के मामले भी शामिल हैं। अक्सर मामलों में मुकदमेबाजी में देरी के कारण वादियों के लिए अप्रासंगिक हो जाते हैं, जबकि इसमें शामिल पक्षों को परेशान भी किया जाता है।

--आईएएनएस

पीटी/सीबीटी

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