कंबोडियाई संसद ने आरसीईपी की पुष्टि की

कंबोडियाई संसद ने आरसीईपी की पुष्टि की
कंबोडियाई संसद ने आरसीईपी की पुष्टि की नोम पेन्ह, 10 सितम्बर (आईएएनएस)। कंबोडिया की नेशनल असेंबली ने दुनिया के सबसे बड़े मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (आरसीईपी) की पुष्टि की है, जिसमें 15 एशिया-प्रशांत देश शामिल हैं।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को संसदीय सत्र के दौरान मौजूद 93 सांसदों ने सर्वसम्मति से समझौते को अपनाया, जिसकी अगली समीक्षा सीनेट करेगा और बाद में इसे राजा नोरोडोम सिहामोनी को समर्थन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।

15 नवंबर, 2020 को हस्ताक्षरित, आरसीईपी 10 आसियान सदस्य देशों (ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम) और इसके एफटीए भागीदारों, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच एक मेगा व्यापार सौदा है।

वाणिज्य मंत्री पान सोरासाक ने कहा कि कंबोडियाई सरकार ने अनुमान लगाया है कि आरसीईपी समझौते से देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 2 प्रतिशत, निर्यात में 7.3 प्रतिशत और निवेश में 23.4 प्रतिशत की वृद्धि होगी।

उन्होंने संसद को बताया, आरसीईपी समझौता क्षेत्र में व्यापार और निवेश के लिए मुख्य आधार बनेगा, क्षेत्रीय मूल्य श्रृंखलाओं का और विस्तार करेगा और लोगों और व्यवसायों के लिए अधिक रोजगार और बाजार के अवसर पैदा करेगा।

यह बहुपक्षीय मुक्त व्यापार प्रणाली पर दुनिया को समर्थन भी देता है।

नेशनल असेंबली के अर्थव्यवस्था, वित्त, बैंकिंग और लेखा परीक्षा आयोग के अध्यक्ष चेम येप ने कहा कि यह समझौता आसियान के छह सदस्य देशों और तीन गैर-आसियान हस्ताक्षरकर्ताओं द्वारा समझौते की पुष्टि करने के 60 दिनों के बाद लागू होगा।

उन्होंने कहा, यह समझौता क्षेत्र के लिए एक खुला व्यापार और निवेश का माहौल तैयार करेगा और अंतत: वैश्विक आर्थिक विकास में योगदान देगा।

2.62 करोड़ डॉलर या वैश्विक जीडीपी के लगभग 30 प्रतिशत के संयुक्त सकल घरेलू उत्पाद के साथ एक क्षेत्र को कवर करते हुए, आरसीईपी समझौता एक अभूतपूर्व, आधुनिक, व्यापक, उच्च-गुणवत्ता और पारस्परिक मेगा-क्षेत्रीय व्यापार व्यवस्था है जो व्यापक संभावित हितों, शर्तों और विभिन्न देशों की प्राथमिकताएं को समायोजित करता है।

एक बार प्रभावी होने के बाद, सौदा अगले 20 वर्षों में अपने हस्ताक्षरकर्ताओं के बीच व्यापार किए गए 90 प्रतिशत सामानों पर टैरिफ को समाप्त कर देगा।

--आईएएनएस

एसएस/आरजेएस

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