कमजोर श्रमिकों को नौकरियों में मदद करने के लिए यूके 67.8 करोड़ डॉलर करेगा खर्च

कमजोर श्रमिकों को नौकरियों में मदद करने के लिए यूके 67.8 करोड़ डॉलर करेगा खर्च
कमजोर श्रमिकों को नौकरियों में मदद करने के लिए यूके 67.8 करोड़ डॉलर करेगा खर्च लंदन, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। ब्रिटेन सरकार ने घोषणा की है कि कोविड-19 महामारी के प्रकोप से नौकरीपेशा लोगों की रक्षा करने वाली फरलो योजना की समाप्ति के बाद कमजोर श्रमिकों को नौकरियों में मदद करने के लिए 500 मिलियन पाउंड (67.8 करोड़ डॉलर) से अधिक खर्च करेगा।

ट्रेजरी ने एक बयान में कहा कि 18 महीने पहले शुरू की गई फरलो योजना छोड़ने वाले श्रमिकों और 50 वर्ष से अधिक उम्र के बेरोजगार लोगों को काम पर वापस लाने में मदद की जाएगी।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने बयान के हवाले से बताया कि सबसे कम वेतन पाने वालों को भी उनके करियर में प्रगति करने में मदद की जाएगी और युवाओं को लक्षित करने वाली मौजूदा योजनाओं को अगले साल तक बढ़ाया जाएगा।

अधिक युवा किकस्टार्ट योजना से लाभान्वित हो सकेंगे, जिसे मार्च 2022 तक बढ़ाया जा रहा है और यह एंप्लोयर्स को 16-24 आयु वर्ग के लोगों के लिए रोजगार सृजित करने और यूनिवर्सल क्रेडिट पर धन मुहैया कराता है।

महामारी की शुरूआत के बाद से शुरू की गई और 68 बिलियन पाउंड (92 अरब डॉलर) से अधिक खर्च के साथ, फरलो योजना ने सबसे कठिन समय के दौरान 1.16 करोड़ से अधिक नौकरियों की रक्षा की है।

एक थिंक टैंक, रेजोल्यूशन फाउंडेशन के शोध के अनुसार, सितंबर के अंत में लगभग 10 लाख श्रमिकों के इस योजना में शामिल होने की उम्मीद थी।

उन लोगों के लिए अनिश्चितता बनी हुई है, जो अभी तक पूरी तरह से काम पर नहीं लौटे हैं। बैंक ऑफ इंग्लैंड सहित कई पूवार्नुमानकर्ताओं ने योजना के समाप्त होने पर बेरोजगारी में थोड़ी वृद्धि की उम्मीद की है।

--आईएएनएस

एचके/आरजेएस

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