कृषि, गांव और किसानों से जुड़े कार्यों पर शी चिनफिंग का ध्यान

कृषि, गांव और किसानों से जुड़े कार्यों पर शी चिनफिंग का ध्यान
कृषि, गांव और किसानों से जुड़े कार्यों पर शी चिनफिंग का ध्यान बीजिंग, 22 सितम्बर (आईएएनएस)। चीनी किसानों का फसल उत्सव वर्ष 2018 में स्थापित हुआ, जो किसानों के लिए स्थापित पहला राष्ट्र स्तरीय उत्सव है। चीनी पंचांग में 24 सौरावधियां होती हैं। इसमें शरद विषुव के दिन फसल उत्सव मनाया जाता है। चीनी किसानों के फसल उत्सव की स्थापना कृषि, गांव और किसानों से जुड़े कार्यों पर चीन सरकार का महत्व प्रतिबिंबित करता है। इस साल 23 सितंबर को फसल उत्सव है। पहले की तरह इसे मनाने के लिए सिलसिलेवार कार्यक्रमों का आयोजन होगा।

सर्वविदित है कि चीन एक कृषि प्रधान देश है। कृषि देश के विकास का आधार है। हजारों सालों से खेती सबसे कठिन काम रहा है और किसान मेहनत करते रहे हैं। व्यापक किसानों ने चीन की क्रांति, निर्माण, सुधार आदि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। किसी भी समय हमें कृषि की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए, किसानों को नहीं भूलना चाहिए और गांव के महत्व को कम नहीं करना चाहिए।

देश कृषि को प्रधानता देता है, जन-समुदाय भोजन को अपना ईश्वर मानता है। खाद्य सुरक्षा हमेशा मानव जाति के सामने मौजूद सबसे बड़ा मुद्दा है। नागरिकों के भोजन की व्यवस्था करना हमेशा चीन की प्राथमिकता रही है। चीन में अनाज का उत्पादन वर्ष 1982 के 35.5 करोड़ टन से बढ़कर वर्ष 2021 के 68 करोड़ टन तक जा पहुंचा है, जो लगातार 7 सालों से 65 करोड़ टन से अधिक रहा। इससे अनाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने, जटिल देसी-विदेशी वातावरण का मुकाबला करने और तरह-तरह की चुनौतियों को दूर करने में मजबूत आधार तैयार हुआ।

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कहा था कि चीन की जनसंख्या 1.4 अरब से अधिक है। हमारे लिए कृषि का आधारभूत स्थान हमेशा कायम रहना चाहिए। हाथ में अनाज है, दिल शांत होता है। यह हमेशा सच्चाई है। शी चिनफिंग हमेशा कृषि, गांव और किसान से जुड़े काम पर ध्यान देते हैं। इसलिए वे अकसर देश के छोटे-बड़े गांवों का निरीक्षण दौरा करते रहते हैं। खेतों में, चूल्हों के पास, पलंग पर शी चिनफिंग ने दिल से किसानों के साथ बातचीत की।

एक शब्द में किसानों की आमदनी बढ़ाना सबसे अहम है। चीनी किसानों के फसल उत्सव की स्थापना का उद्देश्य हमें बताना है कि चीन को मजबूत बनाना चाहते हैं, तो कृषि को मजबूत करना होगा। चीन को सुंदर बनाना चाहते हैं, तो गांव को सुंदर बनाना होगा। चीन को अमीर बनाना चाहते हैं, तो किसानों को अमीर बनाना होगा।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

--आईएएनएस

एएनएम

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