चाबहार में शाहिद बेहेश्ती बंदरगाह को आवागमन का प्रमुख केंद्र बनाने की परिकल्पना

चाबहार में शाहिद बेहेश्ती बंदरगाह को आवागमन का प्रमुख केंद्र बनाने की परिकल्पना
चाबहार में शाहिद बेहेश्ती बंदरगाह को आवागमन का प्रमुख केंद्र बनाने की परिकल्पना नई दिल्ली, 31 जुलाई (आईएएनएस)। आईएनएसटीसी (इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर) रूस, यूरोप तक पहुंचने और मध्य एशियाई बाजारों में प्रवेश करने के लिए ईएक्सआईएम शिपमेंट के लिए लगने वाले समय को कम करने के लिए भारत की परिकल्पना और पहल है। ईरान में स्थित चाबहार बंदरगाह, इस क्षेत्र और विशेष रूप से मध्य एशिया के लिए वाणिज्यिक आवागमन का केंद्र है। इस महत्व को देखते हुए पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय (एमओपीएसडबल्यू) ने मध्य एशियाई बाजारों को जोड़ने को चिह्न्ति करने के लिए चाबहार दिवस मनाया।

केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान के राजदूत एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शामिल हुए। इनके अलावा उजबेकिस्तान के उपमहावाणिज्यदूत, अफगानिस्तान व ईरान इस्लामी गणराज्य के प्रतिनिधि भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे।

इस दौरान केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनवाल ने कहा कि हमारी परिकल्पना चाबहार में शाहिद बेहेश्ती बंदरगाह को आवागमन का प्रमुख केंद्र बनाने और मध्य एशियाई देशों तक पहुंचने के लिए इसे आईएनएसटीसी से जोड़ने की है। उन्होंने कहा कि हम शाहिद बेहेश्ती बंदरगाह और चाबहार मुक्त व्यापार क्षेत्र के प्रोत्साहनों का उपयोग करने के लिए व्यवसायों और रसद कंपनियों का आह्वान करते हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी प्रतिनिधियों और हितधारकों से भारत से ईरान और मध्य एशिया के लिए एक सस्ता, छोटा, तेज और अधिक विश्वसनीय मार्ग बनाने के लिए परिवहन समय और लागत को कम करने के सुझावों के साथ आगे आने का आग्रह करते हैं।

आयोजन के दौरान, मध्य एशियाई देशों के प्रतिनिधियों ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे आईएनएसटीसी के साथ चाबहार लिंक उनके क्षेत्रों में एक्जिम व्यापार को बढ़ावा देने और भूमि से घिरे देशों में विकास को और बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। दिन भर चलने वाले कार्यक्रम के दौरान, कई प्रस्तुतियां और सरकार के साथ व्यावसायिक सत्र भी आयोजित हुए।

--आईएएनएस

जीसीबी/आरएचए

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