जिनेवा में चीन और रूस ने लोकतंत्र और मानवाधिकार पर संगोष्ठी का आयोजन किया

जिनेवा में चीन और रूस ने लोकतंत्र और मानवाधिकार पर संगोष्ठी का आयोजन किया
जिनेवा में चीन और रूस ने लोकतंत्र और मानवाधिकार पर संगोष्ठी का आयोजन किया बीजिंग, 20 नवंबर (आईएएनएस)। जिनेवा स्थित चीन और रूस के स्थायी प्रतिनिधिमंडलों ने 18 नवंबर को संयुक्त रूप से लोकतंत्र और मानवाधिकार पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया। 60 से अधिक देशों के स्थायी प्रतिनिधियों और वरिष्ठ राजनयिकों, गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों, विद्वानों और पत्रकारों सहित 130 से अधिक प्रतिनिधियों ने इसमें भाग लिया। उपस्थित प्रतिनिधियों ने लोकतंत्र और मानवाधिकार के मुद्दों पर चर्चा की।

जिनेवा में चीनी स्थाई प्रतिनिधिमंडल के कार्यवाहक अध्यक्ष ली सोंग ने कहा कि लोकतंत्र और मानवाधिकार सभी लोगों द्वारा साझे किए गए अधिकार हैं। सच्चा लोकतंत्र तब होता है जब आम लोग देश के मालिक होते हैं। सच्चे मानवाधिकार तब होते हैं जब वो लोगों पर केंद्रित होते हैं।

जिनेवा में रूस के स्थायी प्रतिनिधि गेन्नेडी गैटिलोव ने कहा कि लोकतंत्र और मानवाधिकारों की खोज में विभिन्न सांस्कृतिक विशेषताओं, नैतिक मानकों और पारंपरिक सामाजिक मूल्यों पर विचार किया जाना चाहिए।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के विकास के अधिकार पर अंतर-सरकारी कार्य समूह के अध्यक्ष जमीर अकरम ने कहा कि लोकतंत्र को परिभाषित करने के अधिकार पर किसी का एकाधिकार नहीं है। विकास के अधिकार को दुनिया भर में प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया गया है, इसका मुख्य कारण यह है कि विकसित देशों ने बाधाएं खड़ी की हैं।

ब्रिटिश विद्वान मार्टिन जैक्स ने कहा कि कोरोना महामारी से लड़ने में चीन की बड़ी सफलता का श्रेय चीन सरकार की उत्कृष्ट शासन क्षमताओं और चीनी समाज की मजबूत एकजुटता को जाता है। चीन कभी भी अपना मॉडल दूसरों पर नहीं थोपता है, लेकिन चीनी मॉडल को अधिक से अधिक विकासशील देशों ने सीखा है।

अमेरिका के कुह्न् फाउंडेशन के अध्यक्ष रॉबर्ट लॉरेंस कुह्न् ने कहा कि चीन पूरी प्रक्रिया में लोकतंत्र को लागू करता है, मानवाधिकारों की सुरक्षा और कानूनी शासन को मजबूत करता है, और यह सुनिश्चित करता है कि लोग व्यापक अधिकार और स्वतंत्रता को प्राप्त कर सकें।

( साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग )

--आईएएनएस

एएनएम

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