तृणमूल विधायक की बहू ने घरेलू शोषण का आरोप लगाते हुए अदालत में लगाई गुहार

तृणमूल विधायक की बहू ने घरेलू शोषण का आरोप लगाते हुए अदालत में लगाई गुहार
तृणमूल विधायक की बहू ने घरेलू शोषण का आरोप लगाते हुए अदालत में लगाई गुहार कोलकाता, 14 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को एक बड़ी शर्मिदगी झेलनी पड़ रही है, क्योंकि पार्टी के एक वरिष्ठ नेता और विधायक की बहू ने अपने ससुर के परिवार के खिलाफ घरेलू दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए अदालत का रुख किया है।

महिला ने यह भी दावा किया है कि स्थानीय पुलिस स्टेशन में कई शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद, पुलिस ने उसके ससुर के राजनीतिक दबदबे के कारण कोई कार्रवाई करने से इनकार कर दिया है।

तृणमूल विधायक खगेश्वर रॉय जलपाईगुड़ी जिले के राजगंज निर्वाचन क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे हैं और याचिकाकर्ता उनकी बहू पिंकी रॉय हैं, जिन्होंने परिवार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं।

याचिकाकर्ता ने 2019 में विधायक के बेटे दिबाकर रॉय से शादी की थी।

पिंकी रॉय ने अपनी याचिका में शिकायत की है कि उनके पति और सास प्रतिमा रॉय ने उन्हें मानसिक और शारीरिक प्रताड़ित किया है।

शिकायतकर्ता महिला ने मीडियाकर्मियों से कहा, मैंने अपने ससुर को मेरे साथ हुई मानसिक प्रताड़ना के बारे में भी सूचित किया था, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। मैंने थाने से भी न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन मेरे ससुर के प्रभाव के कारण उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की है। इसलिए मैंने अदालत का दरवाजा खटखटाया है, जिसने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि अदालत ने पुलिस को मामले की जांच करने और 12 जून तक रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है।

खगेश्वर रॉय ने हालांकि इस आरोप से इनकार किया और इसे राजनीतिक साजिश करार दिया।

तृणमूल विधायक ने कहा, सभी आरोप मनगढ़ंत हैं और मेरी छवि खराब करने के लिए यह एक राजनीतिक साजिश है। हालांकि, मुझे कानूनी व्यवस्था और न्यायपालिका में विश्वास है। मुझे यकीन है कि सच्चाई सामने आएगी।

वहीं, अपनी बहू द्वारा किए गए खुलासे के बाद रॉय को अपनी ही पार्टी के भीतर से आलोचना का सामना करना पड़ा है।

तृणमूल के एससी/एसटी/ओबीसी प्रकोष्ठ के जलपाईगुड़ी जिला अध्यक्ष कृष्णा दास ने इस मुद्दे पर विधायक पर तीखा हमला बोला।

दास ने कहा, यदि कोई व्यक्ति अपने ही परिवार के सदस्यों के साथ ठीक से व्यवहार नहीं करता है तो वह जनता का नेता कैसे हो सकता है? पार्टी ऐसे नेताओं के साथ नहीं चल सकती।

--आईएएनएस

एकेके/एएनएम

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