धनबाद जज की हत्या के पीछे सेलफोन डकैती हो सकती है वजह : सीबीआई

धनबाद जज की हत्या के पीछे सेलफोन डकैती हो सकती है वजह : सीबीआई
धनबाद जज की हत्या के पीछे सेलफोन डकैती हो सकती है वजह : सीबीआई झारखंड, 8 जनवरी (आईएएनएस)। धनबाद कोर्ट के न्यायाधीश उत्तम आनंद की हत्या की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने झारखंड हाईकोर्ट को बताया कि आरोपी एक सेलफोन चोरी करना चाहता था, जिसके कारण न्यायाधीश की हत्या हुई।

मुख्य न्यायाधीश रवि रंजन और न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ मामले की सुनवाई कर रही थी, जब सीबीआई अधिकारियों ने अदालत के समक्ष यह बयान दिया। हालांकि, पीठ केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों के जवाब से संतुष्ट नहीं थी।

पीठ ने कहा कि सीबीआई की जांच में कुछ भी नया नहीं है और हर बार सीबीआई मामले को खींचने के लिए एक नया कोण (एंगल) लेकर आती है।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा, सीबीआई अधिकारी अब कह रहे हैं कि न्यायाधीश उत्तम आनंद को सेलफोन डकैती के लिए मारा गया था। लेकिन सीसीटीवी एक अलग तस्वीर बताती है। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार यह देखा जा सकता है कि उन्हें जानबूझकर मारा गया था।

सीबीआई अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने आरोपियों का नार्को टेस्ट और ब्रेन मैपिंग किया, लेकिन कुछ नहीं मिला। सीबीआई ने कुछ और परीक्षण किए हैं और वह उस रिपोर्ट का इंतजार कर रही है जो उसे 10 जनवरी को मिलेगी।

अदालत ने कहा कि चूंकि सीबीआई को कुछ भी नहीं मिला है, इसलिए यह मामला अस्पष्टीकृत मामले के रहस्य की ओर ले जा रहा है। इसमें कहा गया है कि इससे आरोपियों को समय मिल रहा है और इस लिहाज से अधिक सबूत जुटाने में दिक्कत होगी।

सीबीआई ने कहा कि उसने अपने मामले को मजबूत बनाने के लिए इस संबंध में 200 लोगों से पूछताछ की है, साथ ही हत्या की धारा के तहत आरोपपत्र पहले ही दायर किया जा चुका है।

कोर्ट ने कहा कि उन्हें सीबीआई के प्रयास पर संदेह नहीं है लेकिन बिना मंशा के वे आरोपियों का दोष कैसे साबित करेंगे।

कोर्ट ने अब सुनवाई की अगली तारीख 14 जनवरी तय की है।

उत्तम आनंद धनबाद कोर्ट के जज थे। 28 जुलाई 2021 को वह सुबह की सैर (मॉनिर्ंग वॉक) पर थे, तभी उनकी हत्या कर दी गई। वह सड़क किनारे वॉक कर रहे थे कि तभी एक ऑटो-रिक्शा ने उन्हें टक्कर मार दी और वे गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

पहले मामले की जांच झारखंड पुलिस कर रही थी। बाद में झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने जांच अपने हाथ में ली। इस हत्याकांड में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

--आईएएनएस

एकेके/एएनएम

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