पालम हत्याकांड : आरोपी ने परिवार का सफाया करने की योजना क्या पहले से बनाई थी?

पालम हत्याकांड : आरोपी ने परिवार का सफाया करने की योजना क्या पहले से बनाई थी?
पालम हत्याकांड : आरोपी ने परिवार का सफाया करने की योजना क्या पहले से बनाई थी? नई दिल्ली, 23 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली के पालम इलाके में अपनी दादी, पिता, मां और बहन सहित पूरे परिवार की कथित तौर पर हत्या करने वाले केशव की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या ये हत्याएं उसने गुस्से में आकर कीं या इसकी योजना उसने पहले से बनाई गई थी। यह जानकारी सूत्रों ने दी।

जान गंवाने वालों की पहचान केशव की दादी दीवाना देवी, उसके पिता दिनेश, मां दर्शना और उसकी 18 वर्षीय बहन उर्वशी के रूप में हुई है।

केशव (25) कथित तौर पर नशे का आदी है। उसे एक पुनर्वास केंद्र से हाल ही में छुट्टी मिली थी।

उसके एक पड़ोसी ने कहा, जब भी उसे पैसे की जरूरत होती थी तो वह घर आ जाता था। वह ज्यादातर बाहर ही रहता था। एटीएम लूट के एक मामले में वह कुछ समय के लिए जेल भी गया था।

घटना मंगलवार रात की है। केशव ने परिवार के सभी सदस्यों की चाकू मारकर हत्या कर दी।

पुलिस उपायुक्त (दक्षिण-पश्चिम) मनोज सी. ने कहा कि इस घटना के बारे में पालम थाने में मंगलवार रात करीब साढ़े दस बजे फोन आया। एक टीम को तुरंत मौके पर भेजा गया।

डीसीपी ने कहा, पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचने पर परिवार के चार सदस्यों को घर में मृत पाया, जबकि आरोपी भागने की कोशिश कर रहा था, मगर उसके रिश्तेदारों ने उसे पकड़ लिया।

आईपीसी की धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

अधिकारी ने कहा, शुरुआती जांच में अपराध का कारण परिवार के सदस्यों के साथ केशव का झगड़ा होना प्रतीत होता है। आरोपी के पास स्थिर नौकरी नहीं थी, इसलिए वह मानसिक तौर पर परेशान था।

सूत्रों ने बताया कि पुलिस को एक बैग भी मिला है, जिसमें कपड़े भरे हुए थे।

इस बीच, केशव के चचेरे भाई कुलदीप, जो आरोपी को पकड़ने वाला पहला व्यक्ति था, ने कहा कि वह रात करीब 9 बजे घर पहुंचा था। उसकी बहन ने उसे बताया कि केशव की बहन उर्वशी रो रही है।

कुलदीप ने कहा, मैं यह जानने के लिए ऊपर गया था कि क्या हो रहा है, लेकिन केशव ने मुझे बताया कि यह एक पारिवारिक मामला है और मुझे जाने के लिए कहा।

कुलदीप ने कहा, हालांकि, मुझे लगा कि घर के अंदर कुछ चल रहा है। मैं समझ नहीं पाया कि मामले में हस्तक्षेप करने के लिए उसने पड़ोसियों को क्यों बुलाया था। जब बातचीत चल रही थी, उसी दौरान मैंने देखा कि केशव भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन मैंने उसे पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया गया।

--आईएएनएस

एसजीके/एएनएम

Share this story