बोगतुई हत्याकांड: सीबीआई ने कलकत्ता हाईकोर्ट को सौंपी प्रोग्रेस रिपोर्ट

बोगतुई हत्याकांड: सीबीआई ने कलकत्ता हाईकोर्ट को सौंपी प्रोग्रेस रिपोर्ट
बोगतुई हत्याकांड: सीबीआई ने कलकत्ता हाईकोर्ट को सौंपी प्रोग्रेस रिपोर्ट कोलकाता, 2 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के बोगतुई गांव में 21 मार्च, 2022 को हुए नरसंहार की जांच एजेंसी की समानांतर जांच और तृणमूल कांग्रेस के पंचायत उप प्रमुख वडू शेख की हत्या के पीछे के कारणों पर एक प्रगति (प्रोग्रेस) रिपोर्ट सौंपी।

बोगतुई नरसंहार में कुल 10 लोगों की मौत हुई थी। पता चला है कि कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव की खंडपीठ को सौंपी गई प्रगति रिपोर्ट में सीबीआई ने जांच में अपने अधिकारियों द्वारा उठाए गए कदमों का ब्योरा दिया है।

इसके अलावा यह भी पता चला है कि केंद्रीय एजेंसी ने रिपोर्ट में अदालत को सूचित किया है कि मामले के दो आरोपियों को निचली अदालत ने सीबीआई को बिना बताए जमानत दे दी है। मुख्य न्यायाधीश श्रीवास्तव ने सीबीआई से निचली अदालत के उस निर्देश की प्रति जमा करने को कहा है, जिसमें दोनों आरोपियों को जमानत दी गई थी। अगली सुनवाई 10 मई 2022 को निर्धारित की गई है।

याचिकाकतार्ओं में से एक के वकील एडवोकेट फिरोज एडुल्जी ने कहा कि निचली अदालत ने दोनों आरोपियों को इसलिए जमानत दी है, क्योंकि दोनों नाबालिग थे। एडुल्जी ने खंडपीठ से उनकी जमानत रद्द करने की भी अपील की। उन्होंने यह भी मांग की है कि मामले की केस डायरी कलकत्ता उच्च न्यायालय में पेश की जाए।

21 मार्च को बर्सल पंचायत के तृणमूल कांग्रेस के उप प्रमुख वडू शेख की बोगतुई में हत्या कर दी गई थी। इसके तुरंत बाद कम से कम 12 घरों में आग लगा दी गई।

पश्चिम बंगाल पुलिस के एक विशेष जांच दल (एसआईटी) ने सबसे पहले जांच अपने हाथ में ली थी। हालांकि इसके बाद इस मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय में अपील की गई थी।

कलकत्ता उच्च न्यायालय के लगातार आदेशों के बाद, सीबीआई वर्तमान में दो समानांतर जांच कर रही है - पहली नरसंहार को लेकर, जिसमें नौ लोगों की जान चली गई और दूसरी वाडु शेख की हत्या के मामले में जांच जारी है।

जांच कर रहे सीबीआई के अधिकारियों को संदेह है कि पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में बड़े पैमाने पर अवैध रेत खनन पर प्रतिद्वंद्विता बोगतुई नरसंहार के पीछे मुख्य कारणों में से एक है।

सीबीआई के प्रारंभिक निष्कर्षों के अनुसार, दोनों प्रतिद्वंद्वी गिरोह राज्य की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस से जुड़े हैं।

पिछले साल जनवरी में वडू शेख के रिश्तेदार बाबर शेख की भी हत्या कर दी गई थी।

हालांकि मामला अभी तक सुलझा नहीं है, इसी बीच वाडु शेख के करीबियों ने आरोप लगाया है कि पलाश शेख और सोना शेख जैसे उनके प्रतिद्वंद्वियों की हत्या में भूमिका है।

--आईएएनएस

एकेके/एएनएम

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