मंगलुरु विस्फोट मामले की जांच जल्द एनआईए को सौंपेगी कर्नाटक सरकार

मंगलुरु विस्फोट मामले की जांच जल्द एनआईए को सौंपेगी कर्नाटक सरकार
मंगलुरु विस्फोट मामले की जांच जल्द एनआईए को सौंपेगी कर्नाटक सरकार दक्षिण कन्नड़, 23 नवंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने बुधवार को कहा कि सरकार जल्द ही मंगलुरु कुकर विस्फोट मामले को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप देगी।

मंगलुरु में एक बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए ज्ञानेंद्र ने कहा कि विस्फोट होने के बाद से एनआईए के अधिकारी इस मामले को देख रहे हैं। अन्य केंद्रीय एजेंसियां भी जांच में शामिल हुई हैं। प्रारंभिक जांच राज्य पुलिस द्वारा की जा रही है और जल्द ही इस मामले को एनआईए को सौंपने का निर्णय लिया जाएगा।

उन्होंने कहा, मैंने उस स्थान का दौरा किया है जहां विस्फोट हुआ था और अस्पताल भी गया था (जहां घायल संदिग्ध आतंकवादी और ऑटो चालक का इलाज चल रहा है)। गृह मंत्री ने कहा कि इस बात पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा कि आतंकवादी संदिग्ध मोहम्मद शरीक का साथ किसने दिया और विध्वंसक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए उसे पैसे कौन दे रहा था।

उन्होंने बताया, संदिग्ध आतंकी के ठीक होने पर और भी कई जानकारियां सामने आएंगी। घायल ऑटो चालक और संदिग्ध आतंकवादी का इलाज आठ विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम कर रही है। उन्होंने कहा कि संदिग्ध आतंकी ने मोबाइल रिपेयरिंग सीखी और खुद को हिंदू के रूप में पेश किया। इससे पहले भी आरोपी मोहम्मद शरीक को हाईकोर्ट से जमानत मिली थी और उस पर नजर रखी जा रही थी।

मंत्री ने कहा- कुछ समय के लिए उसने तीर्थहल्ली में एक दुकान में काम किया लेकिन एक दिन वह गायब हो गया। हालांकि उसका पता लगाने के प्रयास किए गए, लेकिन वह मिला नहीं। उसने आईडी कार्ड चुराकर एक हिंदू की पहचान बना ली। वह बातचीत के लिए मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करता था, बल्कि दूसरे तरीकों का इस्तेमाल करता था। किसी ने उस पर शक नहीं किया और उसने कोचीन, कोयम्बटूर, कन्याकुमारी का दौरा किया।

उन्होंने कहा कि कर्नाटक में एक एनआईए इकाई स्थापित की जाएगी। डीजी और आईजीपी प्रवीण सूद ने कहा कि पूरी साजिश जानने के लिए संदिग्ध आतंकी की जान बचानी होगी। मंगलुरु के पुलिस आयुक्त एन. शशिकुमार ने कहा कि आठ जगहों पर छापेमारी की गई है। उन्होंने कहा कि चार लोगों को हिरासत में लिया गया है लेकिन उन्हें आरोपी नहीं माना जा रहा है।

ज्ञानेंद्र ने पीड़ित ऑटो चालक को मुआवजे के रूप में 50,000 रुपये दिए और घोषणा की कि इलाज का सारा खर्च सरकार वहन करेगी।

--आईएएनएस

केसी/एएनएम

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