महिला टेनिस निकाय ने यौन संबंधों का आरोप लगाने वाली चीनी खिलाड़ी के ईमेल पर जताया संदेह

महिला टेनिस निकाय ने यौन संबंधों का आरोप लगाने वाली चीनी खिलाड़ी के ईमेल पर जताया संदेह
महिला टेनिस निकाय ने यौन संबंधों का आरोप लगाने वाली चीनी खिलाड़ी के ईमेल पर जताया संदेह नई दिल्ली, 18 नवंबर (आईएएनएस)। महिला टेनिस संघ (डब्ल्यूटीए) ने चीनी स्टेट मीडिया की ओर से जारी एक ईमेल पर संदेह जताया है, जिसमें टेनिस खिलाड़ी पेंग शुआई को जिम्मेदार ठहराया गया है, जिन्होंने एक पूर्व उप प्रधानमंत्री के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।

डब्ल्यूटीए के अध्यक्ष और सीईओ स्टीव साइमन ने कहा, पेंग शुआई के संबंध में चीनी स्टेट मीडिया द्वारा आज जारी किया गया बयान केवल उसकी सुरक्षा और ठिकाने के बारे में मेरी चिंताओं को उजागर करता है।

उन्होंने कहा, मुझे यह विश्वास करने में मुश्किल हो रही है कि पेंग शुआई ने वास्तव में हमें प्राप्त ईमेल को लिखा था। पेंग शुआई ने चीनी सरकार में एक पूर्व शीर्ष अधिकारी के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप का वर्णन करने में अविश्वसनीय साहस दिखाया है। डब्ल्यूटीए और बाकी दुनिया को स्वतंत्र और सत्यापन योग्य प्रमाण की आवश्यकता है कि वह सुरक्षित हैं। मैंने बार-बार संचार के कई माध्यमों से उन तक पहुंचने की कोशिश की है, मगर कोई फायदा नहीं हुआ।

साइमन ने कहा कि पेंग को किसी भी स्रोत से जबरन या डराने-धमकाने के बिना, स्वतंत्र रूप से बोलने की अनुमति दी जानी चाहिए। उनके यौन उत्पीड़न के आरोप का सम्मान किया जाना चाहिए, पूरी पारदर्शिता के साथ और बिना सेंसरशिप के जांच की जानी चाहिए।

साइमन ने कहा, महिलाओं की आवाजों को सुनने और सम्मान करने की जरूरत है, न कि सेंसर किए जाने और उन्हें निर्देशित करने की।

द गार्जियन ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया कि चीनी नारीवादी समूहों और अंतर्राष्ट्रीय टेनिस सितारों सहित एक बढ़ता हुआ आंदोलन पूर्व चीनी युगल समर्थक पेंग के ठिकाने पर चिंता बढ़ा रहा है।

टेनिस स्टार ने एक वरिष्ठ सरकारी व्यक्ति पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है, जिसके बाद विवाद बढ़ा हुआ है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन के सबसे बड़े खेल सितारों में से एक पेंग को 2 नवंबर को एक वीबो पोस्ट के बाद से सार्वजनिक रूप से नहीं सुना गया है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि पूर्व उप प्रधानमंत्री झांग गाओली ने उन्हें यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया था और उनका बीच-बीच में संबंध भी रहा था।

पोस्ट को चीन के सेंसर ने हटा लिया था, लेकिन फिर भी यह वायरल हो गई थी। उनकी बाद की पोस्ट और प्रतिक्रियाएं, यहां तक कि टेनिस जैसे कीवर्ड भी अवरुद्ध दिखाई दिए थे। पेंग से जुड़ी सामग्री को चीन के इंटरनेट से हटा दिया गया।

डब्ल्यूटीए ने पूर्व चीनी नेता के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की पूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है।

बता दें कि पेंग ने अपनी पोस्ट में लिखा था कि पूर्व उप प्रधानमंत्री और सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य झेंग गाओली ने तीन साल पहले टेनिस के दौर के बाद लगातार इनकार करने के बावजूद उन्हें यौन संबंध बनाने के लिए बाध्य किया।

--आईएएनएस

एकेके/एएनएम

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