मुस्कान से महामारी का सामना करें

मुस्कान से महामारी का सामना करें
मुस्कान से महामारी का सामना करें बीजिंग, 6 मई (आईएएनएस)। विश्व मुस्कान दिवस दुनिया में मानव व्यवहार से जुड़ा एकमात्र त्योहार है। वर्ष 1948 में अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस सोसायटी ने संस्थापक हेनरी डुनांटे के जन्मदिन यानी 8 मई को विश्व रेड क्रॉस दिवस तय किया, तो विश्व मानसिक स्वास्थ्य संगठन ने इसी दिन को विश्व मुस्कान दिवस मनाना निर्धारित किया। उम्मीद है कि मुस्कान से लोगों का स्वास्थ्य कायम रहेगा, लोगों में खुशी, प्यार व आशा पहुंचाई जाएगी और समाज में सामंजस्य बढ़ाया जाएगा।

मुस्कान वैश्विक भाषा है, जो अनुवाद के बिना लोगों के दिल को छू लेता है। मुस्कान सबसे सुंदर मुख-मुद्रा है, जो धूप, हवा और नमी की तरह महत्वपूर्ण है। मुस्कान दवा भी है, जो खाने के बिना हमारा हृदय ठीक हो जाता है।

कोविड-19 महामारी अचानक फैलने लगी, जो हमारे सामान्य जीवन पर प्रभाव पड़ रहा है। अंतर्राष्ट्रीय संगठन ने चेतावनी दी कि महामारी के दबाव में यदि संक्रमित न हो, तो भी इतना स्वस्थ नहीं होता। दिल की क्षति की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।

चीनी इंजीनियरिंग अकादमी के सदस्य चोंग नानशान ने कहा था कि स्वास्थ्य का आधा भाग मानसिक स्वास्थ्य है, जबकि बीमारी का आधा भाग मानसिक बीमारी है। इसलिए कोरोना रोगियों के लिए मनोचिकित्सा काफी अहम है। उधर, जो लोग वायरस से संक्रमित नहीं होते, शायद संक्रमण से डरते हैं या अकेलापन, बेरोजगारी और आर्थिक परेशानी आदि समस्याओं से चिंतित हैं, जिससे मानसिक बीमारी होने की संभावना है।

जीवन के प्रति सकारात्मक और आशावादी रवैया अपनाने को प्रोत्साहन देने के लिए चीन के विभिन्न क्षेत्रों में सिलसिलेवार कार्यक्रमों का आयोजन किया। लोग मास्क पर रंगीन चित्र बनाते हैं या मास्क पर हंसी चेहरे के स्टिकर चिपकाते हैं। आशा है कि लोग सकारात्मक और आशावादी रवैये से महामारी का सामना करेंगे।

मुस्कान दबाव कम कर सकता है, चिंता दूर कर सकता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकता है। महामारी की स्थिति में शायद मास्क हमारे चेहरे को ढकता है, लेकिन मुस्कान को नहीं ढक सकता। हमें मुस्कुराते हुए महामारी और जीवन का सामना करना चाहिए। आज चाहे आप कहीं भी हो या मन की स्थिति कैसी भी हो, परेशानी छोड़िए और प्यारी मुस्कान बिखेरिये।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

--आईएएनएस

एएनएम

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