रूसी सैनिकों का यूक्रेनी महिलाओं पर बढ़ता अत्याचार, अब महिलाओं को घरों के बाहर सफेद कपड़े टांगने का आदेश दिया

रूसी सैनिकों का यूक्रेनी महिलाओं पर बढ़ता अत्याचार, अब महिलाओं को घरों के बाहर सफेद कपड़े टांगने का आदेश दिया
रूसी सैनिकों का यूक्रेनी महिलाओं पर बढ़ता अत्याचार, अब महिलाओं को घरों के बाहर सफेद कपड़े टांगने का आदेश दिया लंदन, 24 नवंबर (आईएएनएस)। रूसी सेना का यूक्रेनी महिलाओं पर अत्याचार बढ़ता जा रहा है। एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कमांडरों समेत रूसी सैनिकों ने यूक्रेनी महिलाओं को अपने घरों के बाहर सफेद कपड़े टांगने का आदेश दिया है। ताकि साथी सैनिक जान सके कि किस महिला का यौन शोषण करना है।

डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, कीव के युद्ध अपराधों की जांच में सहायता कर रहे ब्रिटिश आपराधिक वकील वेन जोर्डैश ने कहा, युद्ध के दौरान कमांडरों ने सैनिकों को यूक्रेन में रूस के कब्जे वाले शहरों में महिलाओं का यौन शोषण करने को प्रोत्साहित किया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि कीव के पास बेरेस्टियांका गांव की एक यूक्रेनी महिला ने उसके साथ हुए दुर्व्यवहार के बारे में बताया। महिला का कहना है कि एक रूसी सैनिक ने कैसे उसे अपने घर के बाहर एक सफेद कपड़ा लटकाने का आदेश दिया था।

वेन जोर्डैश ने कहा कि कीव के आसपास के कुछ क्षेत्रों में रूसी सैनिकों के द्वारा की गई यौन हिसा के भी सबूत मिले हैं। इसमें संगठन का एक लेवल भी शामिल है जो इस तरह की योजना बनाने की बात करता है। डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, व्लादिमीर पुतिन के कमांडरों और सैनिकों ने युद्ध शुरू होने के नौ महीनों में बलात्कार को युद्ध के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है।

युद्ध में व्यवस्थित सामूहिक बलात्कार अभियान एक राष्ट्र को जातीय रूप से शुद्ध करने और लोगों की पीढ़ियों को मनोवैज्ञानिक रूप से आघात पहुंचाने के लिए एक उपकरण के रूप में जबरन संसेचन का उपयोग करते हैं।

शिक्षाविदों का कहना है कि युद्ध के दौरान महिलाओं के साथ बलात्कार के बाद पैदा हुए बच्चों को अक्सर कलंकित किया जाता है क्योंकि वे युद्ध की याद दिलाते हैं। पूरे यूक्रेन में महिलाओं के साथ यौन हिंसा हुई है इसके सबूत अब सामने आए हैं। जो दिखा रहे हैं कि रूसी कमांडरों ने एक व्यवस्थित बलात्कार अभियान जानकर ये आदेश दिया है।

--आईएएनएस

एफजेड/एएनएम

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