लखनऊ टीम पर मध्य के ओवरों में दबदबा बनाने से बदला मैच का रुख

लखनऊ टीम पर मध्य के ओवरों में दबदबा बनाने से बदला मैच का रुख
लखनऊ टीम पर मध्य के ओवरों में दबदबा बनाने से बदला मैच का रुख पुणे, 11 मई (आईएएनएस)। गुजरात टाइटंस, यह नाम उस टीम का है, जिसने आईपीएल के सीजन में पहली बार कदम रखा है। गुजरात ने सीजन में जीत के साथ अपना खाता खोला था और प्रबंधकों ने उस दौरान टीम का नेतृत्व हार्दिक पांड्या को सौंपा था। पांड्या के नेतृत्व वाली टीम ने 12 मैच खेले हैं। जिसमें नौ मैच जीते और अब तक तीन मैचों में हार का सामना करना पड़ा है।

आईपीएल की अंक तालिका में टीम ने मंगलवार की जीत के साथ 18 अंक प्राप्त कर लिए हैं। टीम पहले पायदान पर पहुंच गई है और लखनऊ इस हार के साथ 16 अंक पर बनी हुई है। टीम पहले पायदान से खिसककर दूसरे पायदान पर पहुंच गई है।

गुजरात टाइटंस और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच मंगलवार को कड़ा मुकाबला देखने को मिला। जहां टीमों द्वारा कम स्कोर वाला मैच खेला गया। पॉवरप्ले के दौरान दोनों टीमों का स्कोर लगभग एक समान ही था, गुजरात टीम दो विकेट पर 35 रन और लखनऊ टीम 3 विकेट खोकर 37 रन पर थी।

गुजरात टाइटंस जहां एक तरफ विकेट खो रही थी और बल्लेबाज दबाव में थे। वहीं दूसरे छोर बल्लेबाज शुभमन गिल (नाबाद 63) गुजरात की पारी को संभाले हुए थे। चौथे विकेट के लिए गिल और मिलर के बीच 52 रन की साझेदारी देखने को मिली। गुजरात ने 20 ओवर में चार विकेट खोकर 144 रन बनाए थे।

वहीं, लखनऊ सुपर जायंट्स ने मध्य के ओवरों में 45 रन बटोरे, लेकिन इस दौरान टीम ने सात विकेट खो दिए। वहीं गुजरात ने लखनऊ को 62 रनों से शिकस्त दी।

लखनऊ 37/2 ने बीच के ओवरों में कुणाल पांड्या (5), आयुष बडोनी, मार्कस स्टोइनिस, जेसन होल्डर और दीपक हुड्डा के रूप में अपना विकेट खो दिया। एलएसजी इस दौरान लक्ष्य का पीछा करने में विफल रही और 82 रन पर ऑल आउट हो गई।

गुजरात के कम स्कोर को देखकर ऐसा लग रहा था कि लखनऊ आसानी से लक्ष्य को प्राप्त कर लेगी, लेकिन गेंदबाज राशिद खान की गुगली से बल्लेबाजों पर अच्छा खासा दबाव बनते हुए देखा गया, जहां एक के बाद एक विकेट लखनऊ ने खो दिया।

कुणाल पांड्या (5) को राशिद खान की गेंद पर रिद्धिमान साहा ने स्टंप आउट किया। वहीं, बडोनी को गेंदबाज साई किशोर ने साहा द्वारा स्टंप आउट कराया।

वहीं, अगले ओवर में मार्कस स्टोइनिस भी रन आउट हो गए और लखनऊ ने जीत की उम्मीदें खो दी थीं। इनमें से कोई भी बल्लेबाज अगर दीपक हुड्डा के साथ क्रीज पर टिका होता तो शायद मैच का रुख बदल सकता था।

--आईएएनएस

एचएमए/एसकेके

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