विभिन्न देशों के रंगारंग शिक्षक दिवस का परिचय

विभिन्न देशों के रंगारंग शिक्षक दिवस का परिचय
विभिन्न देशों के रंगारंग शिक्षक दिवस का परिचय बीजिंग, 8 सितम्बर (आईएएनएस)। इस साल 10 सितंबर को चीन का 37वां शिक्षक दिवस मनाया जाएगा। चीन ने इस दिन को शिक्षक दिवस के रूप में स्थापित किया, ताकि बच्चे नये सेमेस्टर की शुरूआत से ही शिक्षकों का सम्मान करने के लिए अच्छा चरित्र बना सकें।

चीन सरकार बच्चों की शिक्षा पर बड़ा ध्यान देती है। और शिक्षक शिक्षा की मुख्य शक्ति होते हैं। इसलिये हर साल के शिक्षक दिवस पर चीनी नेता जरूर देश के सभी शिक्षकों और कार्यकर्ताओं को बधाई व अभिवादन देते हैं। उदाहरण के लिये चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कहा है कि शिक्षकों ने देश के विकास और राष्ट्र के पुनरुद्धार के लिए भारी योगदान दिया है। शिक्षक मानव आत्मा के अभियंता हैं और मानव सभ्यता के उत्तराधिकारी हैं। पूरे देश में शिक्षकों का समादर करने का वातावरण बनाना चाहिये और शिक्षकों के सामाजिक स्थान को उन्नत करने की कोशिश की जानी चाहिये।

वास्तव में शिक्षकों का सम्मान न सिर्फ़ चीनी राष्ट्र का परंपरागत गुण है, बल्कि वह विश्व के विभिन्न देशों का समान रीति-रिवाज भी है।

भारत में शिक्षक दिवस चीन के शिक्षक दिवस से बहुत नजदीक होता है। जो हर साल के 5 सितंबर को होता है। यह दिन भारत के पूर्व उप राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन भी है। वे भारत के उप राष्ट्रपति होने के साथ एक आदरणीय शिक्षक भी थे, जिन्हें लगभग 40 वर्षों तक शिक्षा देने का अनुभव था। उप राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने अपने जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने का सुझाव दिया। इसके बाद भारतीय शिक्षक दिवस स्थापित किया गया। विश्व के अधिकतर देशों की तरह शिक्षक दिवस पर भारत में छात्र व उन के माता-पिता जी शिक्षकों के लिये कार्यक्रम प्रस्तुत करते हैं। कई ग्रेजुएट विद्यार्थी भी अपने अध्यापकों को देखने या धन्यवाद देने के लिये स्कूल वापस लौट आते हैं। ठीक उसी दिन में भारत सरकार अच्छी उपलब्धियां प्राप्त करने वाले शिक्षकों को पुरस्कार देती है।

चीन के पड़ोसी देश दक्षिण कोरिया में शिक्षक दिवस की तारीख हर साल के 15 मई को होती है। वर्ष 2006 से ही दक्षिण कोरिया के सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस के मौके पर एक दिन की छुट्टी मिलती है। दक्षिण कोरिया में शिक्षक दिवस की खुशी मनाने का तरीका चीन के जैसा होता है। सरकार इस दिन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को पुरस्कार देती है। विद्यार्थी शिक्षकों को फूल या उपहार देते हैं, और सेवानिवृत या बीमार शिक्षकों के घर जाकर उन्हें उपहार देते हैं। विद्यार्थी तरह-तरह के उपायों से अपने शिक्षकों को सम्मान, प्रेम व धन्यवाद प्रकट करते हैं। हाल के कई वर्षों में दक्षिण कोरिया के शिक्षक दिवस पर कुछ खास शैली पैदा हुई। उदाहरण के लिये कुछ स्कूलों में अध्यापक सामूहिक रूप से विद्यार्थियों के पैर धोते हैं, फिर विद्यार्थी अध्यापकों की पैरों की मालिश करते हैं। ऐसी गतिविधि का लक्ष्य यह है कि शिक्षकों को हर समय अपने कर्तव्य करना चाहिये, और विद्यार्थियों को भी हर समय पर शिक्षकों को धन्यवाद देना चाहिये। ताकि शिक्षकों व विद्यार्थियों के बीच संबंधों को मजबूत किया जा सके।

दूर-दराज दक्षिण अमेरिका में विभिन्न देशों का शिक्षक दिवस भी रंगारंग होता है। अर्जेंटीना में शिक्षक दिवस हर साल के 11 सितंबर को होता है। यह दिन अर्जेंटीना के पूर्व राष्ट्रपति, प्रसिद्ध शिक्षक डोमिंगो फौस्टिनो सारमिएनटो के निधन का दिन है। इस दिन विद्यार्थी शिक्षकों को धन्यवाद देने के लिये ग्रीटिंग कार्ड या छोटे उपहार देते हैं। कुछ क्षेत्रों में शिक्षकों को छुट्टी भी मिलती है। वर्ष 1943 में पनामा में आयोजित पैन अमेरिकन शिक्षा सम्मेलन में इस दिवस की स्थापना की गयी। सम्मेलन में इसी दिन को सभी अमेरिकी देशों का शिक्षक दिवस निश्चित किया गया। लेकिन अब तक केवल अर्जेंटीना इस परंपरा पर कायम रहा है। अन्य देशों ने अपने देशों के इतिहास के आधार पर शिक्षक दिवस की स्थापना की।

उदाहरण के लिये ब्राजील में शिक्षक दिवस हर साल के 15 अक्तूबर को होता है। 15 अक्तूबर 1527 को राजा प्रेडो-क ने प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर पूरे देश में निरक्षरता को समाप्त करने के लिये स्कूलों की स्थापना की। मैक्सिको में शिक्षक दिवस वर्ष 1917 में राष्ट्रीय संसद द्वारा पारित एक प्रस्ताव से पैदा हुआ। इस प्रस्ताव के अनुसार हर साल के 15 मई को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। और वर्ष 1918 से पहली बार इस दिवस की खुशियां मनाई गयी। पेरू का शिक्षक दिवस हर साल के 6 जुलाई को पड़ता है। इसी दिन छात्र सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते हैं। कार्यक्रम के बाद विद्यार्थी व अध्यापक एक साथ भोजन करते हैं, और नृत्य करते हैं। जिससे लैटिन अमेरिकी जनता का हंसमुख व उत्साहित राष्ट्रीय स्वभाव दिखता है।

वास्तव में यूनेस्को ने भी विश्व शिक्षक दिवस की स्थापना की थी। जो हर साल के 5 अक्तूबर को होता है। क्योंकि वर्ष 1966 के इसी दिन में यूनेस्को व अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक संगठन ने एक साथ शिक्षक के स्थान से जुड़े एक सुझाव पत्र का विचार-विमर्श करके इसे पारित किया। साथ ही इस दिवस की स्थापना से लोगों में शिक्षकों का सम्मान करने और शिक्षा पर ध्यान देने का विचार-धारा मजबूत किया जा सकेगा, और शिक्षा कार्यों का बड़ा समर्थन दिया जा सकेगा।

हालांकि विभिन्न देशों में शिक्षक दिवस का इतिहास अलग-अलग है, लेकिन उनकी मुख्य भावना शिक्षक व शिक्षा का सम्मान करना है। समाज के हर व्यक्ति के प्रति विद्यार्थियों पर ध्यान देना, शिक्षकों को प्रेम देना, और शिक्षा का ख्याल रखना, ये सभी एक आदत बननी चाहिये। अगर यह आदत बन गयी, तो हर दिन शिक्षक दिवस जैसा है।

(चंद्रिमा - चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

--आईएएनएस

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