शी चिनफिंग के भाषण में शिनहाई क्रांति पर जोर

शी चिनफिंग के भाषण में शिनहाई क्रांति पर जोर
शी चिनफिंग के भाषण में शिनहाई क्रांति पर जोर बीजिंग, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। वर्ष 1911 के 10 अक्तूबर को चीन में शिनहाई क्रांति हुई, जिसने छिंग राजवंश के शासन को खत्म किया, और चीन में हजारों वर्षों से चली आ रही निरंकुश राजशाही व्यवस्था के अंत की घोषणा भी की। इस वर्ष के 9 अक्तूबर को शिनहाई क्रांति की 110वीं वर्षगांठ की स्मृति महासभा चीन की राजधानी पेइचिंग में धूमधाम से आयोजित की गयी। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने इस महासभा में महत्वपूर्ण भाषण दिया। उन्होंने गहन रूप से शिनहाई क्रांति के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला।

पाँच साल पहले शी चिनफिंग ने सुन यात-सेन के जन्म की 150वीं वर्षगांठ की महासभा में शिनहाई क्रांति का उच्च मूल्यांकन किया। उनके अनुसार श्री सुन यात-सेन और शिनहाई क्रांति ने चीनी राष्ट्र के लिये महत्वपूर्ण ऐतिहासिक योग्यता प्रदान की। शिनहाई क्रांति में अपने जीवन का बलिदान करने वाले सभी शहीद हमेशा याद रहेंगे।

इस बार शी चिनफिंग ने फिर एक बार शिनहाई क्रांति के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिनहाई क्रांति ने चीनी राष्ट्र के लिये विचारों की मुक्ति को मजबूत करने, लोकतंत्र व गणतंत्र का प्रसार-प्रचार करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। उसने चीन में प्रगति का द्वार खोला, प्रतिक्रियावादी शासन व्यवस्था की नींव हिला दी, और एशिया में पहले गणराज्य की स्थापना की। इससे जाहिर होता है कि शिनहाई क्रांति ने चीनी राष्ट्र के महान पुनरुत्थान के लिये एक नया रास्ता ढूंढा, जो एक मील के पत्थर जैसा है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

--आईएएनएस

आरजेएस

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