38 श्रीलंकाई लोगों की अवैध हिरासत पर कर्नाटक एचसी ने राज्य और केंद्र को भेजा नोटिस

38 श्रीलंकाई लोगों की अवैध हिरासत पर कर्नाटक एचसी ने राज्य और केंद्र को भेजा नोटिस
38 श्रीलंकाई लोगों की अवैध हिरासत पर कर्नाटक एचसी ने राज्य और केंद्र को भेजा नोटिस बेंगलुरु, 2 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक हाई कोर्ट ने यहां केंद्रीय जेल में 38 श्रीलंकाई नागरिकों को अवैध रूप से हिरासत में रखने के संबंध में राज्य और केंद्र सरकारों को नोटिस जारी किया है।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे और न्यायमूर्ति विश्वजीत शेट्टी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सोमवार को बेंगलुरु के परप्पना अग्रहारा की केंद्रीय जेल में श्रीलंकाई लोगों को रखने को चुनौती देने वाली याचिका पर यह आदेश दिया।

इसने केंद्रीय गृह मंत्रालय, राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी (एनआईए), राज्य के गृह मंत्रालय, मंगलुरु दक्षिण पुलिस स्टेशन के निरीक्षक और बेंगलुरु जिला आयुक्त को नोटिस जारी करने का भी निर्देश दिया।

कर्नाटक राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण (केएसएलएसए) ने अदालत से जेल में बंद श्रीलंकाई नागरिकों को स्थानांतरित करने के लिए बुनियादी ढांचे के साथ एक निरोध सुविधा की व्यवस्था करने की मांग की थी। प्राधिकरण ने अदालत द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर श्रीलंकाई नागरिकों को प्रत्यर्पित करने का भी अनुरोध किया था।

जनहित याचिका में आगे मांग की गई कि अदालत श्रीलंकाई नागरिकों को जेल से डिटेंशन सेंटर में स्थानांतरित करने का तत्काल आदेश दे। इसने 30 अक्टूबर, 2021 को एनआईए विशेष न्यायालय के निदेशरें के अनुसार बेंगलुरू शहरी जिला आयुक्त को एक डिटेंशन सेंटर स्थापित करने का निर्देश देने के लिए भी आग्रह किया।

इसने एनआईए अदालत के समक्ष श्रीलंकाई नागरिकों के बयान दर्ज करने का भी अनुरोध किया।

मंगलुरु दक्षिण पुलिस ने 10 जून, 2021 को एक ऑपरेशन किया था और 25 श्रीलंकाई नागरिकों को हिरासत में लिया था, जो बिना दस्तावेजों के मंगलुरु के सी पोर्ट गेस्ट हाउस में रह रहे थे।

मामले की जांच कर रही एनआईए अदालत ने श्रीलंकाई नागरिकों के खिलाफ आरोप हटाने का आदेश दिया और अधिकारियों को उन्हें जेल से हिरासत केंद्रों में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया।

जांच से पता चला था कि श्रीलंकाई लोगों ने अवैध रूप से भारत में प्रवेश नहीं किया, बल्कि एक एजेंसी उन्हें कनाडा में नौकरी देने का वादा कर भारत के माध्यम से ले जाने की कोशिश कर रही थी।

केएसएलएसए के सदस्य सचिव के दौरे के हाल के निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई थी कि कुल 38 श्रीलंकाई नागरिक अवैध रूप से जेल में बंद हैं। केएसएलएसए ने समझाया है कि यह एनआईए अदालत के आदेश और मानवाधिकारों का उल्लंघन है।

-- आईएएनएस

पीटी/एसकेपी

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