NLC India OFS: सरकारी कंपनी के शेयर 9.73% के भारी डिस्काउंट पर खरीदने का मौका; सरकार बेचेगी 3% हिस्सेदारी, जानें बेस प्राइस
DIPAM सचिव ने सोशल मीडिया पर दी आधिकारिक जानकारी
निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव अरुणीश चावला ने सोशल मीडिया पर इस विनिवेश (Disinvestment) प्रक्रिया की आधिकारिक घोषणा की। उन्होंने बताया भारत सरकार एनएलसी इंडिया लिमिटेड में ओएफएस (OFS) के माध्यम से मूल रूप से 2 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की घोषणा करती है। हालांकि, यदि बाजार से उम्मीद से अधिक बोलियां (Over-subscription) प्राप्त होती हैं, तो सरकार के पास 1 प्रतिशत अतिरिक्त हिस्सेदारी अपने पास रखने का 'ग्रीन शू' (Green Shoe) विकल्प भी मौजूद रहेगा। इस तरह कुल हिस्सेदारी बिक्री 3 प्रतिशत तक हो सकती है।"
बाजार भाव से 9.73% सस्ते दाम पर मिलेगा शेयर
इस ओएफएस की सबसे बड़ी यूएसपी इसका आकर्षक प्राइस बैंड है। सरकार ने एनएलसी इंडिया के शेयरों की बिक्री के लिए 303 रुपये प्रति इक्विटी शेयर का फ्लोर प्राइस (Floor Price) तय किया है।
-
बंपर डिस्काउंट: सोमवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर कंपनी का शेयर 335.65 रुपये के भाव पर बंद हुआ था। इस लिहाज से सरकार निवेशकों को मौजूदा बाजार भाव से पूरे 9.73 प्रतिशत के बंपर डिस्काउंट पर शेयर दे रही है।
-
शेयर का हाल: सोमवार को कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर 332.10 रुपये के निचले स्तर (Intraday Low) से लेकर 342.95 रुपये के उच्च स्तर (Intraday High) तक गया था। इस माइनिंग शेयर का 52-सप्ताह का उच्चतम स्तर 387.70 रुपये और न्यूनतम स्तर 220.25 रुपये है।
5 सालों में दिया 422% का मल्टीबैगर रिटर्न; ट्रैक रिकॉर्ड शानदार
लॉन्ग टर्म इनवेस्टर्स के लिए एनएलसी इंडिया एक बेहद पसंदीदा शेयर रहा है। बीएसई (BSE) के आंकड़ों के मुताबिक, इस सरकारी कंपनी ने निवेशकों को मालामाल किया है:
-
6 महीने का रिटर्न: 42.01 प्रतिशत
-
1 साल का रिटर्न: 42.47 प्रतिशत
-
3 साल का रिटर्न: 236.39 प्रतिशत
-
5 साल का रिटर्न: 422.41 प्रतिशत का मल्टीबैगर रिटर्न
डीपम (DIPAM) सचिव चावला ने यह भी रेखांकित किया कि कंपनी का ऑपरेशनल और फाइनेंशियल परफॉर्मेंस बेहद मजबूत है। लगातार बेहतर रिटर्न और शानदार डिविडेंड (लाभांश) देने के इतिहास के कारण यह ओएफएस लंबी अवधि के निवेश के लिए एक बेहतरीन अवसर है।
महत्वपूर्ण तारीखें और खुदरा निवेशकों के लिए मौका
-
9 जून (मंगलवार): ओएफएस केवल गैर-खुदरा (Institutional/Non-Retail) निवेशकों की बोलियों के लिए खुला है।
-
10 जून (बुधवार): आम यानी खुदरा निवेशकों (Retail Investors) के लिए यह खिड़की बुधवार को खुलेगी, जहां वे डिस्काउंटेड प्राइस पर निवेश के लिए आवेदन कर सकेंगे।
चालू वित्त वर्ष में विनिवेश से सरकार ने जुटाए 12,166 करोड़ रुपये
सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) में अपनी अल्पांश हिस्सेदारी (Minority Stake) बेचकर चालू वित्त वर्ष में सरकार अब तक कुल 12,166 करोड़ रुपये का राजस्व जुटा चुकी है। इसमें विभिन्न सरकारी कंपनियों का बड़ा योगदान रहा है:
-
कोल इंडिया (Coal India): 5,542 करोड़ रुपये
-
एनएचपीसी (NHPC): 4,357 करोड़ रुपये
-
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India): 2.27 करोड़ रुपये
