पुलिस महानिदेशक, उ०प्र० की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय रेलवे सुरक्षा समिति (SLSCR) की गोष्ठी का आयोजन

State Level Railway Safety Committee (SLSCR) meeting organized under the chairmanship of Director General of Police, Uttar Pradesh
State Level Railway Safety Committee (SLSCR) meeting organized under the chairmanship of Director General of Police, Uttar Pradesh
उत्तर प्रदेश डेस्क लखनऊ(आर एल पाण्डेय)। प्रशांत कुमार, पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश की अध्यक्षता में  डीजीपी मुख्यालय, उत्तर प्रदेश, लखनऊ में राज्य स्तरीय रेलवे सुरक्षा समिति (SLSCR) की 10वीं त्रैमासिक गोष्ठी का आयोजन किया गया।

गोष्ठी में अपर पुलिस महानिदेशक, जी०आर०पी० / नोडल अधिकारी SLSCR, अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था, ज्वाइंट डायरेक्टर, आई०बी०, पुलिस महानिरीक्षक आर०पी०एफ०, एनईआर, एनआर, एनसीआर, डब्लूसीआर, ईसीआर, पुलिस उपमहानिरीक्षक ए०टी०एस०, पुलिस उपमहानिरीक्षक रेलवे, लखनऊ, जी०एम० डीएफसीसीआईएल सिक्योरिटी, पुलिस अधीक्षक इंटेलिजेन्स, ADRM NR लखनऊ एवं चीफ रेलवे ट्रैक इंजीनियर, पुलिस अधीक्षक, रेलवे लखनऊ, सीनियर कमाडेंट आरपीएफ एनआर/एनईआर लखनऊ उपस्थित रहें।

अपर पुलिस महानिदेशक जी०आर०पी०/ नोडल अधिकारी SLSCR द्वारा 9वीं गोष्ठी के एजेण्डा बिन्दुओं पर की गयी कार्यवाही एवं 10वीं गोष्ठी के एजेण्डा बिन्दुओं को समिति में बिन्दुवार विस्तार से रखते हुए CCTV कैमरों एवं बैगेज स्कैनर की संख्या बढ़ाये जाने, FRS युक्त CCTV कैमरा लगाये जाने, महत्वपूर्ण स्टेशनों जैसे अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, लखनऊ पर विशेष रूप से CCTV एवं अन्य सुरक्षा उपकरण स्थापित करने पर बल दिया गया। महत्वपूर्ण स्टेशनों पर बैगेज स्कैनर की संख्या बढ़ाये जानें की आवश्यकता बतायी गयी। ट्रेन के कोच में कैमरा लगाने एवं रेल इंजन के फ्रंट पर कैमरा लगाये जाने हेतु निर्देश दिया गया। अवैध वेण्डर्स पर रोक लगाने, रेलवे के ठेके पर रखे कार्मिकों का सत्यापन कराने, ट्रेनों पर पत्थरबाजी रोकने, रेलवे ट्रैक को अवरूद्ध / क्षतिग्रस्त करने की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने पर बल दिया गया । इसके अतिरिक्त जीआरपी की उपलब्धियों एवं आने वाली चुनौतियों की
तरफ भी समिति का ध्यान आकृष्ट किया गया। नोडल अधिकारी  जय नरायन सिंह द्वारा आगामी महाकुंभ 2025 से सम्बन्धित समस्त तैयारियों को समय से पूर्ण करने, समस्त रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा हेतु बनाई गयी SOP को समय-समय पर अद्यतन करनें एवं उसके अनुसार मॉक ड्रिल करने पर जोर दिया गया ।

पुलिस महानिरीक्षक आरपीएफ एनआर, एनसीआर, एनईआर, डब्लूसीआर एवं ईसीआर द्वारा गोष्ठी में रखे गये एजेण्डा बिन्दुओं पर, अपने-अपने जोन में आरपीएफ द्वारा की जा रही कार्यवाही तथा चुनौतियों का उल्लेख किया गया ।

अपर पुलिस महानिदेशक, कानून-व्यवस्था द्वारा किसी भी तरह की आपातकालीन परिस्थिति से निपटने के लिए आरपीएफ व रेलवे के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र की Mini War Book अध्यावधिक किये जाने तथा रेलवे सम्पत्तियों पर अतिक्रमण को रोकने एवं रेलवे स्टेशनों पर अधिक से अधिक सीसीटीवी लगाकर Saturate करने हेतु बताया गया ।

पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा अधिक से अधिक तकनीक का उपयोग तथा रेलवे स्टेशनों पर पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे तथा बैगेज स्कैनर आदि सुरक्षा सम्बन्धी उपकरणों को व्यवस्थापित किया जाय। आतंकवादी घटनाओं, मादक द्रव्य / विस्फोटक पदार्थ की आवाजाही, मानव तस्करी आदि के रोकथाम हेतु रेलवे सुरक्षा की समस्त एजेन्सियों द्वारा परस्पर सूचनाओं का आदान-प्रदान कर एवं उनपर प्रभावी
कार्यवाही किया जाय। महाकुंभ 2025 से सम्बन्धित तैयारियों को समय से पूर्ण कर लिया जाय। छोटे अतिक्रमण की अनदेखी करने पर कुछ समय के पश्चात गम्भीर समस्या का रूप ले लेता है, अतः शुरूआत में ही अतिक्रमण न होने दिया जाये। स्टेशनों पर प्रवेश/निकास द्वार पर Access Control करने, अवैध वेण्डर्स पर रोक लगाने, ट्रेनों पर पत्थरबाजी पर प्रभावी नियंत्रण करने, ट्रैक को अवरूद्ध / क्षतिग्रस्त करने की घटनाओं पर रोक लगान हेतु जीआरपी / आरपीएफ / सिविल पुलिस के मध्य और अच्छा समन्वय स्थापित कर कार्यवाही की जाय तथा समय-समय पर मॉक ड्रिल का अभ्यास किया जाय। भारतीय रेल राष्ट्र की Life Line है। अतः किसी भी परिस्थिति में माल गाड़ी एवं यात्री गाड़ियों के परिचालन में अवरोध नही आना चाहिए तथा उसकी सुरक्षा सर्वोपरि है।

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