Ram Mandir 3D Model | Employment Generated by Ram Mandir | राम मंदिर ने दिया रोजगार

Ram Mandir 3D Model | Employment Generated by Ram Mandir | राम मंदिर ने दिया रोजगार

कब होगा राम मंदिर का उद्घाटन 

जानिए राम मंदिर के 3D मॉडल के बारे में 

कहां मिलेगा राम मंदिर का 3D मॉडल

अयोध्या के राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा सोमवार यानी 22 जनवरी को होनी है। जिसकी तैयारी 16 तारिख से शुरू को जाएगी इस बीच कई कार्यक्रम होंगे। प्रधानमंत्री की अपील पर न सिर्फ अयोध्या बल्कि पूरा देश इस कार्यक्रम एक त्यौहार की तरह से सेलिब्रेट कर रहा है। ऐसे में आपके मन में भी राम मंदिर के दर्शन करने की इच्छा हो रही होगी लेकिन सुरक्षा कारणों से 22 जनवरी के बाद ही आप अयोध्या राम मंदिर के दर्शन करने जा सकेंगे। लेकिन आप सिर्फ राम मंदिर के दर्शन ही नहीं बल्कि राम मंदिर के 3D मॉडल को अपने घर ले जा सकेंगे। आप हम आपको एक ऐसे बिजनेसमैन के बारे में बताएंगे जो राम मंदिर का 3D मॉडल तैयार कर रहे हैं जिसे आप अपने घर और ऑफिस में रख सकते हैं। 

देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी मचा रहा है धूम 

बाराबंकी के देवा क्षेत्र के रजौली गांव में निमित सिंह महिलाओं के एक समूह राम मंदिर का 3D मॉडल बना रहे हैं जिसके जरिये गांव की महिलाओं को रोजगार भी मिल रहा है। महिलाएं और लड़कियां इस मॉडल को जोड़ने का काम करती हैं। ये 3D मॉडल प्लाईवुड को लेज़र कटिंग के द्वारा बनाया जाता है। आपको बता दें कि राम मंदिर के इस 3D मॉडल की मांग देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी की जा रही है। ये 3D मॉडल मोडम 5 इंच से लेकर 6 फीट तक का होता है। निमित सिंह से बातचीत में उन्होंने बताया कि अभी तक वो अपने समूह की महिलाओं की सहायता से करीब 5 हजार तक मंदिर बना चुके हैं। उन्होंने बताया कि क्योंकि इस समय राम मंदिर एक श्रद्धा का विषय है तो उनके समूह की महिलायें पूरी साफ़ सफाई और श्रद्धा के साथ बनाती हैं और मंदिर के 3D मॉडल के साथ में वो दो श्री राम ज्योति दीपक भी देते हैं। 

मंदिर के जरिये मिल रहा महिलाओं को रोजगार 

निमित सिंह ने बताया जब उन्होंने पहली बार इस 3D मॉडल  के बारे में सोचा तो उन्होंने न सिर्फ व्यापार के बारे में सोचा बल्कि ये भी सोचा कि कैसे इससे गांव की महिलाओं के लिए रोजगार बनाया जा सकता है। जिसके बाद उन्होंने अपनी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को इससे जोड़ा जिसके लिए पहले उनकी ट्रेनिंग कराई गयी। उन्होंने बताया कि इस समय उनके महिलाओं के समूह के साथ में 125 परिवार जुड़े हुए हैं। एक महिला 10-12 मंदिर एक दिन में बनाती हैं। मॉडल की सप्लाई के लिए लखनऊ के हजरतगंज में आउटलेट है जहां से मंदिर का मॉडल लिया जा सकता है। इसके साथ में देश के कई जगहों से ऑनलाइन भी डिमांड आ रही है। कई कॉरपरेट लोग भी मंदिर मॉडल की डिमांड करते हैं। इसके अलावा यदि कोई कस्टमाइज करके भी बनवाना चाहता है या उसपर कुछ लिखवाना चाहता तो वो उस तरह से भी बना कर देते हैं। 

फैक्ट्री भी कर सकते हैं विजिट 

निमित सिंह ने बताया कि गांव में जब महिलाएं स्वयं सहायता समूह में काम करती हैं तो वो अपने खाली समय में पैसा कमा सकती है और वो पैसा पूरा उनका खुद का होता है। कई बार अगर ज्यादा आर्डर आता है तो महिलाएं रात में भी रुक कर काम करती हैं जिसमें उनका परिवार भी पूरा साथ देता है। निमित सिंह ने बताया कि भविष्य में वो अन्य मंदिर जैसे काशी, मथुरा, उज्जैन आदि धार्मिक स्थल के मंदिर भी बनाएंगे। उन्होंने बताया कि जब भी कोई काम शुरू करो तो समस्या तो आती ही है लेकिन हमे कैसे काम करना है और उसे कैसे सफल बनाना है वो हम पर है तो उन्होंने उसपर काम किया। इसके अलावा उन्होंने बताया कि अगर कोई उनकी फैक्ट्री देखना चाहता है, जहां पर महिलाएं मंदिर के मॉडल को चिपकाने का काम करती हैं या जहां फैक्ट्री में लेज़र कटिंग का काम होता है तो उनसे संपर्क करके विजिट भी कर सकता है। 

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