डिजिटल लेन-देन के लिए GST दर में होगा परिवर्तन
GST कांउसिल की 27वीं बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए| बैठक में डिजिटल लेन-देन के लिए GST दर में परिवर्तन करने और चीनी पर उपकर लगाने के बारे में भी विचार किया गया। कैशलेस अर्थव्यवस्था की ओर प्रभावित होने के लिए होने वाली जरूरतों को ध्यान में रखते हुए| परिषद ने बी2सी आपूर्ति पर देय जीएसटी दर में 2 % की छूट(जहां GST दर 3% या उससे अधिक है, लागू CGST और SGST दरों से 1-1% की रियायत) देने के प्रस्ताव पर विस्तार से विचार किया गया| जिसके लिए भुगतान चेक अथवा डिजिटल मोड के जरिए किया जाता है। जिसके लिए प्रति लेन-देन 100 रूपए अधिकतम तय की गई है|
जिसका मुख्य उपदेश डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए समुचित बढावा देना है। परिषद ने संबंधित प्रस्ताव पर विचार करने और वर्तमान चीनी सीजन में चीनी के रिकॉर्ड उत्पादन और इसके कारण चीनी की कीमतों में भारी गिरावट के साथ गन्ने की बढ़ती बकाया रकम को ध्यान में रखते हुए |परिषद ने चीनी उपकर लगाने और एथनाल पर देय GST कम करने के प्रस्ताव पर विचार करने और दो हफ्तों के भीतर सिफारिशें करने के लिए राज्य सरकारों की ओर से एक मंत्री समूह के गठन किया है |
डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देना |
लेस कैश अर्थव्यवस्था को आगे बढने की जरूरत को ध्यान में रखते हुए परिषद ने उन बी2सी आपूर्ति पर देय जीएसटी दर में 2% की रियायत
(जहां GST दर 3% या उससे अधिक है, लागू CGST और SGSTदरों से 1-1 % की रियायत) देने के लिए प्रस्ताव पर विस्तार रूप से विचार किया |जिसके लिए भुगतान चेक अथवा डिजिटल मोड के जरिए किया जाता है।इसके लिए हर रोज लेन-देन 100 रुपये की अधिकतम सीमा होगी। इसके पीछे मुख्य उपदेश डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना है।परिषद ने संबंधित प्रस्ताव पर विचार करने और सिफारिशें करने के लिए राज्य सरकारों की ओर से एक मंत्री समूह का गठन करने की अनुशंसा की है।GST परिसर में व्यक्त किए गए विचारों को ध्यान में रखते हुए परिषद की अगली बैठक से पहले इस मंत्री समूह का गठन करने की बात कही गई है |5 % GST के अलावा चीनी पर उपकर (सेस) लगाना और एथनॉल पर देय जीएसटी दर में कमी करना
वर्तमान चीनी सीजन में चीनी के रिकॉर्ड उत्पादन
चीनी की कीमतों में भारी गिरावट के साथ-साथ गन्ने की बढ़ती बकाया रकमपरिषद ने चीनी पर उपकर लगाने और एथनॉल पर देय जीएसटी में कमी करने के मुद्दे पर विस्तार से विचार-विमर् GST परिषद की बैठक में इस संबंध में व्यक्त किए गए विचार को ध्यान में रखते हुए परिषद ने इस प्रस्ताव पर विचार करने और दो हफ्तों केअन्दर ही सिफारिशें करने के लिए राज्य सरकारों की ओर से एक मंत्री समूह का गठन करने की अनुशंसा की है।
