सरयू नदी के तट में हुआ कार्यक्रम | Ayodhya Me Hua Bhajan Ka Aayojan

अयोध्या में आयोजित हुआ कार्यक्रम | Ram Mandir Ayodhya Update

सरयू नदी के उद्गम स्थल पर होंगे कार्यक्रम

Ram Mandir Ayodhya
अयोध्या में आयोजित हुआ कार्यक्रम

 

राम भजनों से महका रामकथा पार्क, केवट प्रसंग ने सजल किए नेत्र

अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के पूर्व ही "रामकथा पार्क"  में राम रस की वर्षा श्रद्धालुओं को सराबोर कर रही है। अपराह्न सत्र में कथा व्यास उज्ज्वल शांडिल्य जी महाराज की मानस के सरस विवेचन के बाद सांस्कृतिक संध्या का आरंभ लोक गायक तेज नाथ यादव "चिंटू सागर" ने अपने भजन "राम का राज आ गया" से किया।

सरयू नदी के उद्गम स्थल पर होंगे कार्यक्रम

अवधी भाषा में लोकप्रिय चिंटू सागर ने इस भजन के द्वारा सबकी श्रद्धा रामलला के चरणों में पहुंचाई।इसके बाद उन्होंने रामजी के अनन्य भक्त हनुमान जी का अवधी भाषा में भजन सुनाया तो उपस्थित दर्शको में अवधीभाषी लोगो के उत्साह भर गया। इसके बाद अयोध्या के वर्तमान वातावरण में पसरे उल्लास को बधाई गीत गाकर प्रकट किया।अपने भजनों से सभी को मोहित करते हुए भगवान शंकर,हनुमंत लाल,जी के कई भजन सुनकर सभी को राममय रंग में रंग दिया। भक्ति में डूबे इसी वातावरण में विवेक पांडे "रुद्राक्ष" ने अपने दल के साथ मंच पर उपस्थिति अंकित करते हुए "महल में राम आ गए" गया तो मानो दर्शकों की भावनाओ को स्वर मिल गया हो,सभी उत्साहित होकर तालियां बजाने लगे।अपने अगले भजन "राम जी पधारे" में दर्शको के इसी भाव को बरकरार रखते हुए प्रस्तुत किया।

सरयू नदी के उद्गम स्थल पर होंगे कार्यक्रम

सरयू नदी के उद्गम स्थल पर होंगे कार्यक्रम

भजनों के बोल और संगीत की धुनों से जुड़ चुके दर्शको को अगला भजन "लगे राम की लगन" सुनाकर उनकी भक्ति को और फिर "मेरी बिगड़ी बनेगी कैसे, तू ही राम जाने" गाकर समर्पण को दर्शाया तो सभी हर्षित हो उठे। इसी क्रम में "काशी मे बसे कैलाशी" गाकर मंच से विदाई ली।तालियों की गूंज में अगली प्रस्तुति जम्मू से आए कलाकारों ने बिशन दास के नेतृत्व में अपने पारंपरिक लोक नृत्य "जागरना" से किया। जम्मू की पोशाक में महिला कलाकारो ने अपने प्रदेश के वैवाहिक संस्कारो के मध्य होने वाली परंपराओं और दुल्हन के साथ सहेलियों और परिजनों के चुहल को मंच पर सजीव कर दिया। डोगरी भाषा के गीत और धुन पर दर्शक थिरकने लगे। गहराती हुई रात के साथ साथ दर्शको का उल्लास भी बढ़ रहा था।

सरयू नदी के उद्गम स्थल पर होंगे कार्यक्रम

अगले प्रस्तुति में संगीता आहूजा के दल ने केवट प्रसंग को प्रस्तुति नृत्य नाटिका के रूप में करके सभी को द्रवित कर दिया।संवादों के साथ गीतों पर नृत्य के साथ साथ राम लक्ष्मण जानकी जी के साथ केवट की निश्चलता और अपने प्रभु के प्रति प्रेम सभी को प्रभावित कर गया। दर्शको की मांग पर संगीता के दल ने लोक भजनों पर लोक नृत्य भी प्रस्तुत किया।कार्यक्रम का जीवंत संचालन आकाशवाणी के उद्घोषक देश दीपक मिश्र ने किया।अंतर्राष्ट्रीय रामायण एवम वैदिक शोध संस्थान के निदेशक डा लवकुश द्विवेदी ने सभी कलाकारों का सम्मान स्मृति चिह्न देकर किया।कार्यक्रम समन्वयक अतुल सिंह,संत जानकी शरण,राधा बिहारी, डा राजेश वर्मा,स्वयं प्रकाश,रितिका,दीपशिखा समेत भारी संख्या में दर्शक देर रात तक चले कार्यक्रम का आनंद लेते रहे।

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