Bharat Ratna 2024 : लालकृष्ण आडवाणी समेत इन 5 शख्सियतों को क्यों मिला भारत रत्न, जानिए इसके पीछे की असली वजह?
कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न पुरस्कार क्यों मिला?
कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने की घोषणा उनकी 100वीं जयंती से ठीक एक दिन पहले की गई थी. 24 जनवरी, 1924 को समस्तीपुर के पितौंझिया में जन्में कर्पूरी ठाकुर दो बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे. साथ ही वो भारत के स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षक, राजनीतिज्ञ भी रहे. इस कारण उन्हें जननायक भी कहा जाता है. मरणोंपरांत उन्हें भारत रत्न देने के पीछे की वजह राजनीतिक परिपाटी से जुडी हुई है. कुछ जानकारों का कहना है कि केंद्र सरकार कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देकर पिछड़ी जातियों के वोट बैंक को साधने की कोशिश में लगी है. बता दें कि कर्पूरी ठाकुर की अनुपस्थिति में उनके सुपुत्र राम नाथ ठाकुर ने भारत के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भारत रत्न सम्मान ग्रहण किया.
लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न पुरस्कार क्यों मिला?
भाजपा के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न से सम्मानित किये जाने के पीछे कई मायने हैं. साल 1991 में लालकृष्ण आडवाणी ने सोमनाथ से अयोध्या तक अपनी रथयात्रा को लेकर चर्चा में आये. आज अयोध्या राम मंदिर का निर्माण उसी यात्रा का प्रमाण है. आडवाणी की रथयात्रा के समय नरेंद्र मोदी को गुजरात चरण की तैयारी करने की ज़िम्मेदारी दी गई थी. कुछ जानकारों का मानना है कि आडवाणी ने पीएम मोदी को गुजरात का मुख्यमंत्री बनाने में भी अहम भूमिका निभाई है. ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भारत रत्न देकर उनका शुक्रिया अदा किया है.
चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न पुरस्कार क्यों मिला?
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न मिलना किसानों की जीत है. उन्हें 'किसानों के चैंपियन' के रूप में जाना जाता है. प्रधानमंत्री रहने के दौरान अपने छोटे से कार्यकाल के कारण वो एक बार भी संसद भवन नहीं गए. 1902 में उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के नूरपुर में जन्में चौधरी चरण सिंह के पिता किसान थे. उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किये जाने के पीछे यही कारण है कि वो अपने आखिरी साँस तक किसान के अधिकार के लिए लड़ते रहे.
पीवी नरसिम्हा राव को भारत रत्न पुरस्कार क्यों मिला?
देश के 10वें प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव को शुक्रवार को मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया. उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किये जाने के पीछे की असली वजह भारत की अर्थव्यवस्था को नया आकार देना था. उन्हें "भारतीय आर्थिक सुधारों के जनक" के रूप में जाना जाता है. उन्होंने अपने कार्यकाल में वैश्वीकरण, उदारीकरण और निजीकरण जैसी नीतियों के माध्यम से देश के भविष्य के विकास के लिए मंच तैयार किया.
डॉ एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न पुरस्कार क्यों मिला?
प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक डॉ एमएस स्वामीनाथन को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया. उन्हें मरणोपरांत यह पुरुस्कार मिला. डॉ एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न देने की वजह भारत को कृषि में आत्मनिर्भर बनाना था. उन्हें देश में हरित क्रांति जैसे आत्मनिर्भर कदम उठाने के लिए जाना जाता है.