चिड़ियों को नही मिली "मछलियां" खाने को कर लिया "suicide"

मत्स्य
 पक्षियों के अंदर भी कुछ भी पाने की ललक इस तरह होती है कि अपने मन का न मिलने पर किसी भी हद तक जा सकते हैं और यही हुआ जाल जो मछलियों को बचाने के लिए लगाया गया था उसी में इस तरह से फंस गई जैसे लगा कि उन्होंने suicide कर लिया ।

गोंडा जिला मुख्यालय के एक गांव स्थित तालाब 
ग्राम भंडहा के कोरिन पुरवा स्थित एक तालाब में  मछली पालन किया गया है ।
मछलियों के सुरक्षा के लिये तालाब के ऊपर लगाया गया है जाल जिसमे चिड़िया फंस गई।

किसानो व अन्य के लिये मत्स्य पालन एक अच्छा रोजगार है जिसके लेकर गांवों के तालाबो में मछलियां पाली गयी है।मत्सय पालक मछलियों के सुरक्षा के लिये अनेक उपाय किये गए है,छोटे तालाबो में तो ऊपर से जाल लगा दिया गया जिसके कारण चिड़ियों व मांसाहारी पक्षीयो से बचाव किया जा सके।

ऐसा ही एक मामला कोरिन पुरवा स्थित एक तालाब में देखने को मिला छोटे तालाब को ऊपर से जाल से ढका गया था आज प्रातः जब मत्सपालक अपने फार्महाउस पर गया तो तालाब के जाल नीचे सिर लटकाए दो मांसाहारी पक्षी लटके हुए थे जैसे ऐसा लग रहा था कि दोनो ने आत्म हत्या कर ली है।
मत्सयपालक पहले दोनो को जाल से हटाने का प्रयास किया लेकिन दोनो टस्स से मस्स नही हुई जिससे लगा दोनो की मौत हो गयी है। दोनो पक्षियों को देखने से ऐसा लग रहा है कि दोनो ने आत्म हत्या कर ली है।
लगता है तालाब में मछलियों को देख ऊपर से सीधे मछलियों को चोंच से पकड़ने का प्रयास किया होगा  और जाल से नीचे आधा धड़ और जाल के ऊपर शरीर फंस गया जिससे निकल नही पाई और दोनो की मौत हो गयी।

Courtesy kn verma

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