यहां तो पुलिस आफिस में ही हो रहा है बाल श्रम

यहां तो पुलिस आफिस में ही हो रहा है बाल श्रम
पीलीभीत सौरभ दीक्षित व शारिक परवेजलिस लाइन में बालश्रम - कप्तान साहब जरा इसपर भी गौर फरमाईये दूसरों को तो नसीहत देना आसान है लेकिन अपनों को सुधारना बहुत ही मुश्किल। गौर फरमाईये इन तस्वीरों पर यह तस्वीरें और कहीं की नहीं है बल्कि आपके कार्यालय की है। जीहाॅ यह बाल मजदूरी की तस्वीरें कहीं और की नहीं यह है पीलीभीत के एसपी कलानिधि नैथानी का कार्यालय। यहाॅ एसपी के अलावा एएसपी व सीओ सदर/जहानाबाद तो बैठते ही है इसके अलावा, मानव तस्करी सेल, स्वाट टीम सेल, पुलिस लाईन कार्यालय, क्राइम ब्रांच, फारेन्सिक ब्रांच आदि तमाम पुलिस की शाखाओं के कार्यालय है। लेकिन पुलिस लाईन की कैन्टीन में काम करने वाले यह बेचारे मासूम बच्चे है। इन बच्चों पर कप्तान साहब की नज़र क्यों नहीं पडी। जबकि उन्होने जनपद में कार्यभार सम्भालते ही लाॅ एण्ड आर्डर व टेªफिक व्यवस्था सुधारने के लिये खुद सडकों पर अपने कदम रखे।
देखिये यह वीडियो........................ .
पीलीभीत पुलिस भले ही कानून का पालन करने की बात करती हो लेकिन हकीकत कुछ और ही बयाॅ कर रही है। कानून की रक्षा करने वाले ही कानून का उलंघन कर रहे है वो भी केन्द्रीय मंत्री महिला एंव बाल विकास मंत्री के संसदीय क्षेत्र में। जहाॅ एक ओर बाल संरक्षण व बाल मजूदरी के खिलाफ अभियान चलाकर बाल मजदूरी करने वालों के खिलाफ कार्यवाही की जाती है तो वहीं पीलीभीत पुलिस लाईन व कार्यालय परिसर में खानपान की कैन्टीन में बाल मजदूर ही काम करते है। बीते दिन यहाॅ पुलिस लाईन की एक वीडियो कैमरे में कैद हो गयी। जिसमें पुलिस कैन्टीन में काम करने वाला एक बाल मजदूर सीओ सदर/जहानाबाद को खाना खिलाने जा रहा है, उसके बाद जब वो खाना खिलवाकर आया तो उससे पूछा गया तब उसने बताया कि वो सीओ को खाना खिलाकर आया है। बडे शर्म की बात है कि जब आला अधिकारी ही बच्चों से अपने सामने बाल मजदूरी करवा रहे है। यह कोई नयी बात भी नहीं है कि ऐसा पहली बार हुआ है। यह बच्चे दिनभर पुलिस कार्यालय में तैनात सभी कर्मियों सहित फरियादियों की सेवा करते है।

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