गणगौर का पर्व राजस्थान में मनाया जाता है. इस पर्व में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है.
गणगौर पर्व की मान्यतानुसार, इस दिन महिलाएं अपने पति से छुपाकर व्रत रखती हैं. इस व्रत से महिलाओं को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है.
इस वर्ष 11 अप्रैल 2024 को गणगौर पूजा मनाई जा रही है. इस दिन महिलाओं को सुबह जल्दी उठकर, स्नान कर पूजा करनी चाहिए।
महिलाएं इस दिन मिट्टी से ईसर यानी शिव और पार्वती की प्रतिमा बनाएं और उन्हें विधि-विधान से स्थापित करें!
शिव-पार्वती की प्रतिमा बनाने के बाद उन्हें वस्त्र पहनाएं और फिर उनकी पूजा करें. ध्यान रहे कि इस दौरान महिलाओं को गणगौर का गीत भी गाना है.
महिलाओं को जल में दूध, दही, हल्दी और कुमकुम घोलकर सुहाग जल तैयार करना है. इस जल को शिव-पार्वती की प्रतिमा पर छिड़कने के बाद अपने ऊपर भी छिड़कना है.
पूजा की अंतिम विधि में, गणगौर को पानी पिलाकर किसी कुंड या सरोवर में उनका विसर्जन करना शामिल है.
गणगौर पूजा के दौरान 'ॐ उमामहेश्वराभ्यां नमः' मंत्र का जाप करते रहें