टेक जगत में बड़ा उलटफेर: Nvidia को पछाड़कर Apple फिर बनी दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी, मार्केट कैप 4.88 ट्रिलियन डॉलर के पार

Major shake-up in the tech world: Apple overtakes Nvidia to become the world's most valuable company again; market cap crosses $4.88 trillion.
 
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वैश्विक टेक्नोलॉजी बाजार में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. अमेरिकी टेक दिग्गज एप्पल (Apple) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चिप बनाने वाली दिग्गज कंपनी एनवीडिया (Nvidia) को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की सबसे मूल्यवान (Most Valuable) कंपनी का ताज दोबारा अपने नाम कर लिया है.

शुक्रवार, 17 जुलाई को अमेरिकी शेयर बाजार में हुए उतार-चढ़ाव के बाद एप्पल का कुल बाजार पूंजीकरण (Market Capitalization) तेजी से बढ़ते हुए 4.88 ट्रिलियन डॉलर के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया. वहीं दूसरी ओर, एनवीडिया के शेयरों में आई गिरावट के बाद उसका मार्केट कैप घटकर 4.86 ट्रिलियन डॉलर रह गया.

AI बूम के बीच एप्पल ने कैसे पलटा पासा?

बीते एक साल से पूरी दुनिया में आए एआई (AI) बूम का सबसे बड़ा फायदा एनवीडिया को मिला था, क्योंकि वैश्विक स्तर पर एआई इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने में उसके चिप्स की मांग सबसे ज्यादा थी. जून 2024 में एनवीडिया ने एप्पल को पछाड़कर यह गौरव हासिल किया था.

शुरुआती दौर में ऐसा माना जा रहा था कि एप्पल खुद का कोई बड़ा एआई मॉडल न होने के कारण इस रेस में पिछड़ रही है. लेकिन एप्पल ने अपनी रणनीति बदलते हुए अपने पूरे एआई इकोसिस्टम की सर्विसेज पर ध्यान केंद्रित किया. निवेशकों ने कंपनी की इस दूरदर्शी योजना पर गहरा भरोसा जताया, जिससे एप्पल के शेयरों को जबरदस्त बूस्ट मिला.

आईफोन (iPhone) की रिकॉर्ड बिक्री ने दी मजबूती

पिछले साल वैश्विक स्तर पर महंगाई और टैरिफ की चिंताओं के कारण एप्पल के शेयरों पर कुछ दबाव जरूर देखा गया था, लेकिन कंपनी के बुनियादी बिजनेस में कोई कमी नहीं आई.

एप्पल की इस ऐतिहासिक वापसी के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण रहे:

  • आईफोन की मांग में भारी उछाल: वैश्विक स्तर पर आईफोन की बिक्री में लगातार सुधार हो रहा है, जिसके चलते इस साल की शुरुआत से ही एप्पल के शेयरों में करीब 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है.

  • एंड्रॉइड स्मार्टफोन का महंगा होना: स्मार्टफोन के कलपुर्जों (Components) और मेमोरी की लागत बढ़ने के कारण एंड्रॉइड फोन बनाने वाली कंपनियों को कीमतें बढ़ानी पड़ीं. इसका सीधा फायदा एप्पल को मिला और आईफोन की सालाना बिक्री में 24% का शानदार इजाफा देखा गया.

बाजार विशेषज्ञों का मानना:

हालांकि एप्पल ने फिलहाल दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी होने का गौरव हासिल कर लिया है, लेकिन एप्पल और एनवीडिया के मार्केट कैप में बहुत मामूली अंतर है. एनवीडिया के शेयरों में शुक्रवार को 3.5% की गिरावट देखी गई थी. चूंकि बाजार में एआई को लेकर हलचल तेज है, इसलिए यह रैंकिंग आने वाले दिनों में किसी भी क्षण फिर से बदल सकती है.

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