सोना-चांदी खरीदना होगा महंगा! केंद्र सरकार ने बढ़ाई इम्पोर्ट ड्यूटी, आज से लागू हुए नए नियम

Buying Gold and Silver Set to Become More Expensive! Central Government Hikes Import Duty; New Rules Effective from Today.
 
सोना-चांदी खरीदना होगा महंगा! केंद्र सरकार ने बढ़ाई इम्पोर्ट ड्यूटी, आज से लागू हुए नए नियम

केंद्र सरकार ने सोना, चांदी और अन्य कीमती धातुओं के आयात पर लगने वाली इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ा दी है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी नए नोटिफिकेशन के मुताबिक नई दरें 13 मई 2026 से लागू हो गई हैं। इस फैसले के बाद अब विदेशों से सोना, चांदी और प्लेटिनम मंगाना पहले के मुकाबले ज्यादा महंगा हो जाएगा।

सरकार ने गोल्ड पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया है। इसके साथ ही एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) में भी बढ़ोतरी की गई है। यानी अब सोने के आयात पर कुल टैक्स बोझ पहले की तुलना में काफी ज्यादा हो जाएगा।

किन चीजों पर लागू होगी नई ड्यूटी?

नई दरें सिर्फ सोने-चांदी की ईंटों या बिस्कुट तक सीमित नहीं हैं। आभूषण निर्माण में इस्तेमाल होने वाले छोटे पार्ट्स जैसे हुक, पिन और स्क्रू पर भी अब ज्यादा टैक्स देना होगा। इसके अलावा पुराने धातु कचरे से सोना-चांदी निकालने के लिए आयात किए जाने वाले स्क्रैप पर भी 10 प्रतिशत शुल्क लगाया गया है।

पहले कितनी थी ड्यूटी?

अब तक सोने पर 5 प्रतिशत बेसिक कस्टम ड्यूटी और 1 प्रतिशत AIDC लगाया जाता था। यानी कुल मिलाकर 6 प्रतिशत टैक्स देना पड़ता था। UAE से तय कोटा के तहत आने वाले सोने पर भी रियायती दर में बदलाव किया गया है।

गौरतलब है कि जुलाई 2024 के बजट में सरकार ने गोल्ड पर कुल इम्पोर्ट ड्यूटी 15 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत कर दी थी। उस समय BCD को 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत और AIDC को 5 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत किया गया था।

आम लोगों और कारोबार पर क्या होगा असर?

इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ने का सीधा असर सर्राफा बाजार और ज्वेलरी इंडस्ट्री पर पड़ेगा। सोना-चांदी आयात करना महंगा होने से ज्वेलर्स की लागत बढ़ेगी, जिसका असर आम ग्राहकों की जेब पर भी दिखाई दे सकता है। आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी संभव मानी जा रही है। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स, इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग और रिसाइक्लिंग सेक्टर में कीमती धातुओं का उपयोग करने वाली कंपनियों की लागत भी बढ़ सकती है।

दुनिया में बड़ा उपभोक्ता है भारत

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता और चांदी का सबसे बड़ा उपभोक्ता माना जाता है। ऐसे में सोने के आयात का असर सीधे देश के व्यापार घाटे और विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ता है।वित्त वर्ष 2025 के दौरान भारत में सोने का आयात करीब 58 से 60 अरब डॉलर तक पहुंच गया था, जो अब तक के सबसे ऊंचे स्तरों में शामिल है। माना जा रहा है कि 2024 में इम्पोर्ट ड्यूटी घटने के बाद सोने के आयात में तेजी आई थी।

प्रधानमंत्री मोदी ने भी की थी अपील

हाल ही में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशवासियों से एक साल तक सोने की खरीदारी टालने की अपील की थी। उन्होंने मिडिल ईस्ट तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का हवाला देते हुए लोगों से ईंधन की खपत और विदेशी यात्राएं कम करने की सलाह भी दी थी।सरकार को आशंका है कि वैश्विक तनाव और तेल कीमतों में बढ़ोतरी का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

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