Disinvestment: सरकार ने GIC Re में बेची 5% हिस्सेदारी, ओएफएस को मिला निवेशकों का बंपर रिस्पॉन्स; खजाने में आएंगे ₹3,000 करोड़

Disinvestment: Government sold 5% stake in GIC Re, OFS got bumper response from investors; ₹3,000 crore will come to the treasury
 
Disinvestment: सरकार ने GIC Re में बेची 5% हिस्सेदारी, ओएफएस को मिला निवेशकों का बंपर रिस्पॉन्स; खजाने में आएंगे ₹3,000 करोड़

केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष (2026-27) के लिए तय किए गए अपने महत्वाकांक्षी विनिवेश लक्ष्य की दिशा में एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र (PSU) की दिग्गज पुनर्बीमा कंपनी 'जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया' (GIC-Re) में अपनी 5 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए आई इस बिक्री पेशकश को घरेलू और वैश्विक संस्थागत निवेशकों का जबरदस्त समर्थन मिला है।

इस सफल सौदे से सरकार को लगभग 3,000 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है। इस बड़ी डील के पूरा होने के साथ ही चालू वित्त वर्ष में अब तक सरकार पांच सार्वजनिक उपक्रमों में हिस्सेदारी बेचकर कुल मिलाकर करीब 16,000 करोड़ रुपये जुटा चुकी है।

रिटेल और नॉन-रिटेल दोनों श्रेणियों में मिला बंपर सब्सक्रिप्शन

जीआईसी री (GIC Re) का यह ओएफएस संस्थागत और खुदरा निवेशकों के लिए दो अलग-अलग चरणों में खुला था:

  • नॉन-रिटेल इंवेस्टर्स (संस्थागत निवेशक): मंगलवार को खुले इस विंडो में गैर-खुदरा निवेशकों ने जबरदस्त उत्साह दिखाते हुए करीब 4,000 करोड़ रुपये की बोलियां लगाईं।

  • रिटेल इंवेस्टर्स (खुदरा निवेशक): आम निवेशकों के लिए यह ओएफएस बुधवार को खुला, जहां बेस इश्यू और ग्रीन-शू ऑप्शन दोनों को निवेशकों ने हाथों-हाथ लिया।

निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव अरुणीश चावला ने इस डील की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि जीआईसी री में हिस्सेदारी बिक्री को लेकर निवेशकों की प्रतिक्रिया बेहद उत्साहजनक रही है और तय कोटे से अधिक बोलियां प्राप्त हुई हैं।

₹352 प्रति शेयर के बेस प्राइस पर बिके शेयर

सरकार ने इस ओएफएस के तहत 2 प्रतिशत हिस्सेदारी के बेस इश्यू के साथ 3 प्रतिशत अतिरिक्त हिस्सेदारी का 'ग्रीन-शू ऑप्शन' (Green-shoe Option) रखा था। सरकार ने इसके लिए 352 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस (न्यूनतम मूल्य) तय किया था, जो सोमवार के बंद भाव से करीब 9.36 प्रतिशत कम था।

शेयर बाजार का हाल:

इस ओएफएस के प्रभाव के चलते बुधवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर जीआईसी री का शेयर 7.65 प्रतिशत की गिरावट के साथ 358.65 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि, गिरावट के बाद भी यह शेयर सरकार द्वारा तय किए गए बेस प्राइस (352 रुपये) से ऊपर बना रहा।

चालू वित्त वर्ष में विनिवेश से ₹80,000 करोड़ जुटाने का है मेगा लक्ष्य

वित्त वर्ष 2026-27 में सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के विनिवेश और रणनीतिक बिक्री के जरिए 80,000 करोड़ रुपये से अधिक जुटाने का बड़ा लक्ष्य रखा है। जीआईसी री से पहले, सरकार इस साल चार अन्य बड़ी सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचकर 13,389 करोड़ रुपये कमा चुकी है।

इस साल इन सरकारी कंपनियों में हुआ विनिवेश:

  1. कोल इंडिया (Coal India)

  2. एनएचपीसी (NHPC)

  3. सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India)

  4. एनएलसी इंडिया (NLC India)

  5. जीआईसी री (GIC-Re) - नवीनतम

आर्थिक जानकारों का मानना है कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में ही लगभग 16,000 करोड़ रुपये की प्राप्ति होना यह दर्शाता है कि सरकार इस बार अपने 80,000 करोड़ रुपये के विनिवेश लक्ष्य को आसानी से हासिल कर सकती है, जिससे देश के राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को नियंत्रित करने में बड़ी मदद मिलेगी।

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