GST Collection July 2026 : देश के जीएसटी कलेक्शन ने रचा इतिहास! जुलाई में 15.4% की बढ़त के साथ ₹2.11 लाख करोड़ के पार पहुँचा आंकड़ा
Gross GST Revenue July 2026: भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और घरेलू खपत की निरंतरता को दर्शाते हुए देश के ग्रॉस गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) कलेक्शन ने जुलाई महीने में एक नया रिकॉर्ड बनाया है। वित्त मंत्रालय द्वारा शनिवार, 1 अगस्त 2026 को जारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2026 में कुल जीएसटी संग्रह 15.4% की शानदार वार्षिक वृद्धि के साथ 2,11,205 करोड़ रुपये पर पहुँच गया।
घरेलू स्तर पर लेनदेन में आई तेजी और आयात (Import) से अधिक टैक्स कलेक्शन होने की वजह से इस रिकॉर्ड कलेक्शन को बल मिला है। गौरतलब है कि पिछले साल जुलाई 2023-24 में ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 1.83 लाख करोड़ रुपये था, जबकि इस साल जून 2026 में यह आंकड़ा करीब 1.95 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया था।
CGST, SGST और IGST का पूरा ब्रेकअप
वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2026 के कुल ₹2.11 लाख करोड़ से अधिक के जीएसटी कलेक्शन में विभिन्न मदों का हिस्सा इस प्रकार रहा:
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सेंट्रल जीएसटी (CGST): ₹39,835 करोड़
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स्टेट जीएसटी (SGST): ₹47,881 करोड़
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इंटीग्रेटेड जीएसटी (IGST): ₹1,23,000 करोड़ से अधिक
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टैक्स रिफंड: इस दौरान कुल टैक्स रिफंड भी 13.1 प्रतिशत बढ़कर ₹29,968 करोड़ रहा।
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नेट जीएसटी रेवेन्यू: रिफंड को घटाने के बाद शुद्ध जीएसटी राजस्व ₹1.81 लाख करोड़ से अधिक दर्ज किया गया।
प्रमुख राज्यों का प्रदर्शन व विशेषज्ञों की राय
डेलॉयट इंडिया (Deloitte India) के पार्टनर एम. एस. मणि ने इन आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत का लगातार बढ़ता जीएसटी कलेक्शन देश की मजबूत आंतरिक अर्थव्यवस्था को उजागर करता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष जुलाई में महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे देश के प्रमुख विनिर्माण (Manufacturing) राज्यों में जीएसटी संग्रह में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
वहीं, केपीएमजी (KPMG) के इनडायरेक्ट टैक्स पार्टनर अभिषेक जैन के अनुसार, जुलाई में जीएसटी राजस्व में हुई वृद्धि का एक बड़ा हिस्सा आयातित वस्तुओं (Imports) से प्राप्त हुआ है, जो घरेलू मांग के मजबूत बने रहने का संकेत है। जुलाई 2026 में 2.11 लाख करोड़ रुपये से अधिक का जीएसटी कलेक्शन यह साबित करता है कि भारतीय बाजार में मांग और खपत का चक्र बेहद मजबूत है, जो चालू वित्त वर्ष में देश की जीडीपी विकास दर को और गति प्रदान करेगा।
