भारतीय अर्थव्यवस्था की ऐतिहासिक छलांग: मार्च में GST कलेक्शन ₹2 लाख करोड़ के पार; वित्त वर्ष 2025-26 में बना नया रिकॉर्ड

Historic leap of Indian economy: GST collection crosses ₹2 lakh crore in March; New record made in financial year 2025-26
 
भारतीय अर्थव्यवस्था की ऐतिहासिक छलांग: मार्च में GST कलेक्शन ₹2 लाख करोड़ के पार; वित्त वर्ष 2025-26 में बना नया रिकॉर्ड

नई दिल्ली | 01 अप्रैल 2026  भारत सरकार द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 के महीने में वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह ने अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की है। पहली बार मासिक जीएसटी कलेक्शन 2 लाख करोड़ रुपये के जादुई आंकड़े को पार कर गया है, जो देश की मजबूत होती अर्थव्यवस्था और बढ़ते उपभोग का सीधा संकेत है।

मार्च 2026: आंकड़ों का विश्लेषण

पीटीआई (PTI) की रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2025 (1.83 लाख करोड़ रुपये) की तुलना में इस साल 8.8% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

  • घरेलू राजस्व: इसमें 5.9% की वृद्धि हुई है, जिससे यह 1.46 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा।

  • आयात (Imports): आयात से होने वाली टैक्स वसूली में 17.8% की भारी तेजी देखी गई, जो बढ़कर 53,861 करोड़ रुपये पहुँच गई।

  • शुद्ध राजस्व (Net Revenue): 22,074 करोड़ रुपये के रिफंड जारी करने के बाद, मार्च का शुद्ध जीएसटी राजस्व 1.78 लाख करोड़ रुपये रहा (8.2% की वार्षिक वृद्धि)।

पूरे वित्त वर्ष (2025-26) का प्रदर्शन

सिर्फ मार्च ही नहीं, बल्कि पूरा वित्त वर्ष भारतीय खजाने के लिए शानदार रहा है। अप्रैल 2025 से मार्च 2026 की अवधि के दौरान:

  1. कुल सकल संग्रह (Gross Collection): ₹22.27 लाख करोड़ से अधिक (8.3% की वृद्धि)।

  2. कुल शुद्ध राजस्व (Net Revenue): ₹19.34 लाख करोड़ (7.1% की वृद्धि)।

ऐतिहासिक तुलना: यदि हम पीछे मुड़कर देखें, तो जीएसटी लागू होने के शुरुआती दौर (अगस्त 2017 से मार्च 2018) में कुल संग्रह मात्र 7.19 लाख करोड़ रुपये था। आज का आंकड़ा उस दौर के मुकाबले लगभग तीन गुना अधिक है।

क्या है GST? (एक संक्षिप्त परिचय)

जीएसटी यानी गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स भारत की एक आधुनिक और एकीकृत अप्रत्यक्ष कर प्रणाली है।

  • लागू होने की तिथि: 1 जुलाई 2017।

  • उद्देश्य: 'एक राष्ट्र, एक कर' के विज़न के साथ एक्साइज ड्यूटी, वैट (VAT) और सर्विस टैक्स जैसे कई जटिल करों को समाप्त करना।

  • प्रभाव: इसने देश भर में व्यापार को सुगम बनाया है और टैक्स चोरी पर लगाम लगाने में बड़ी सफलता हासिल की है।

इस वृद्धि के पीछे के मुख्य कारण

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस रिकॉर्ड तोड़ वसूली के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं:

  • अनुपालन में सुधार: तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल से कर चोरी में कमी आई है।

  • मजबूत घरेलू मांग: त्योहारों और शादियों के सीजन के कारण घरेलू बिक्री में उछाल।

  • आयात में तेजी: वैश्विक व्यापार में भारत की बढ़ती भागीदारी और औद्योगिक कच्चे माल की मांग।

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