India-Nepal UPI Linkage: अब पलक झपकते ही भारत से नेपाल और नेपाल से भारत ट्रांसफर होगा पैसा; दोनों देशों के बीच शुरू हुई UPI आधारित क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट सर्विस
भारत और नेपाल के बीच रोटी-बेटी के पुराने सामाजिक और आर्थिक संबंधों को डिजिटल युग में एक नया विस्तार मिला है। दोनों देशों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले आम नागरिकों, छोटे-बड़े व्यापारियों और सैलानियों (यात्रियों) को बड़ी राहत देते हुए एक नए UPI आधारित मनी ट्रांसफर सिस्टम को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है।
वित्त मंत्रालय द्वारा गुरुवार (11 जून) को दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, भारत और नेपाल ने द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाते हुए 6 जून 2026 से P2P (पर्सन-टू-पर्सन यानी दो व्यक्तियों के बीच) क्रॉस-बॉर्डर धन प्रेषण (Money Remittance) की इस आधुनिक व्यवस्था को लाइव कर दिया है।
UPI और NPI के बीच सीधा कनेक्शन, तुरंत मिलेगा पैसा
Remittance (विदेश से पैसा भेजने) की यह नई और अत्याधुनिक प्रणाली भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) और नेपाल के नेशनल पेमेंट्स इंटरफेस (NPI) के बीच एक डायरेक्ट और रियल-टाइम डिजिटल लिंक स्थापित करती है।
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तत्काल ट्रांसफर: इस एकीकरण (Integration) के बाद अब भारत और नेपाल के नागरिक अपने फोन में मौजूद साधारण मोबाइल बैंकिंग एप्लिकेशन और डिजिटल वॉलेट के माध्यम से बिना किसी लंबी कागजी कार्रवाई के, सीधे एक-दूसरे के बैंक खातों में तुरंत पैसा भेज और प्राप्त कर सकेंगे।
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समय और पैसे की बचत: पहले भारत-नेपाल के बीच पैसा भेजने के लिए बैंकों के चक्कर काटने पड़ते थे या भारी-भरकम ट्रांसफर फीस देनी होती थी, लेकिन अब यह काम घर बैठे बेहद सुरक्षित, आसान और किफायती तरीके से हो जाएगा।
वित्तीय समावेशन और आर्थिक एकीकरण की दिशा में बड़ा कदम
केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में इस ऐतिहासिक कदम की सराहना करते हुए इसे 'वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion)' की दिशा में एक बड़ी प्रगति बताया है। मंत्रालय के अनुसार, यह यूपीआई-एनपीआई लिंकेज न केवल दोनों देशों के बीच डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा, बल्कि सुरक्षित और किफायती क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट (सीमा पार भुगतान) के क्षेत्रीय लक्ष्यों को हासिल करने में भी मदद करेगा। यह कदम दोनों मित्र देशों के सदियों पुराने व्यापारिक और सामाजिक रिश्तों को और अधिक प्रगाढ़ बनाएगा।
NPCI (भारत) और NCHL (नेपाल) के साझा प्रयासों का नतीजा
इस जटिल और सुरक्षित तकनीकी एकीकरण को भारत और नेपाल के शीर्ष भुगतान निकायों द्वारा अमलीजामा पहनाया गया है:
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इस प्रोजेक्ट को भारत की तरफ से नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की वैश्विक शाखा 'एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड' (NIPL) और नेपाल की तरफ से नेपाल क्लियरिंग हाउस लिमिटेड (NCHL) ने आपसी तकनीकी सहयोग के माध्यम से पूरा किया है।
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इस व्यवस्था के शुरू होने से हर साल भारत से नेपाल जाने वाले लाखों भारतीय पर्यटकों और भारत में काम कर रहे नेपाली नागरिकों को पैसे के लेनदेन में आ रही सभी व्यावहारिक दिक्कतों से हमेशा के लिए आजादी मिल जाएगी।
भारत में डिजिटल लाइफ की लाइफलाइन है UPI
गौरतलब है कि भारत में रोजमर्रा के लेनदेन और डिजिटल मनी ट्रांसफर के लिए यूपीआई (UPI) सबसे पसंदीदा और विश्वसनीय माध्यम बन चुका है। भारत में लोग केवल पैसे भेजने के लिए ही नहीं, बल्कि मोबाइल रिचार्ज, डीटीएच (DTH) रिचार्ज, बिजली-पानी के बिलों का भुगतान और फास्टैग (FASTag) रिचार्ज जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए बड़े पैमाने पर यूपीआई का इस्तेमाल करते हैं। अब इसी तकनीकी ताकत का लाभ पड़ोसी देश नेपाल को भी मिलने जा रहा है।
