भारत का गौरव: मेदांता बना देश का नंबर-1 अस्पताल, 'वर्ल्ड्स बेस्ट हॉस्पिटल्स 2026' की सूची में मारी बाजी
कैसे हुआ मूल्यांकन?
इस वर्ष की रैंकिंग में दुनिया के 32 देशों (जैसे अमेरिका, जर्मनी, जापान और सिंगापुर) के 2,500 से अधिक अस्पतालों का कड़ा मूल्यांकन किया गया। मेदांता को यह शीर्ष स्थान इन चार प्रमुख मापदंडों के आधार पर मिला है:
-
विशेषज्ञों की सिफारिशें: हजारों चिकित्सा पेशेवरों और डॉक्टरों के सुझाव।
-
रोगी अनुभव (Patient Experience): मरीजों की संतुष्टि और देखभाल का डेटा।
-
अस्पताल गुणवत्ता मानक: स्वच्छता, सुरक्षा और उपचार की प्रभावशीलता।
-
पीआरओएमएस (PROMs): रोगी-रिपोर्टेड आउटकम मेजर्स का सफल कार्यान्वयन।
"हर एक जान अनमोल": डॉ. नरेश त्रेहान
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मेदांता के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डॉ. नरेश त्रेहान ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा भारत में नंबर 1 अस्पताल के रूप में मान्यता मिलना हमारी टीम के नवाचार और रोगी-केंद्रित देखभाल के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का फल है। हमारा मार्गदर्शक दर्शन 'हर एक जान अनमोल' हमें अत्याधुनिक तकनीकों और उन्नत उपचारों के माध्यम से विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवा को हर किसी के लिए सुलभ बनाने की प्रेरणा देता है।"
भविष्य की तकनीक और रोबोटिक्स पर जोर
मेदांता की सफलता का एक बड़ा कारण इसका डिजिटल परिवर्तन है। अस्पताल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक सर्जरी और ऑटोमेशन में भारी निवेश किया है। अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे और अनुसंधान (Research) पर निरंतर ध्यान देने के कारण मेदांता न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मरीजों के लिए भरोसे का केंद्र बना हुआ है।
कैसे हुआ मूल्यांकन?
इस वर्ष की रैंकिंग में दुनिया के 32 देशों (जैसे अमेरिका, जर्मनी, जापान और सिंगापुर) के 2,500 से अधिक अस्पतालों का कड़ा मूल्यांकन किया गया। मेदांता को यह शीर्ष स्थान इन चार प्रमुख मापदंडों के आधार पर मिला है:
-
विशेषज्ञों की सिफारिशें: हजारों चिकित्सा पेशेवरों और डॉक्टरों के सुझाव।
-
रोगी अनुभव (Patient Experience): मरीजों की संतुष्टि और देखभाल का डेटा।
-
अस्पताल गुणवत्ता मानक: स्वच्छता, सुरक्षा और उपचार की प्रभावशीलता।
-
पीआरओएमएस (PROMs): रोगी-रिपोर्टेड आउटकम मेजर्स का सफल कार्यान्वयन।
"हर एक जान अनमोल": डॉ. नरेश त्रेहान
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मेदांता के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डॉ. नरेश त्रेहान ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा: भारत में नंबर 1 अस्पताल के रूप में मान्यता मिलना हमारी टीम के नवाचार और रोगी-केंद्रित देखभाल के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का फल है। हमारा मार्गदर्शक दर्शन 'हर एक जान अनमोल' हमें अत्याधुनिक तकनीकों और उन्नत उपचारों के माध्यम से विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवा को हर किसी के लिए सुलभ बनाने की प्रेरणा देता है।"
भविष्य की तकनीक और रोबोटिक्स पर जोर
मेदांता की सफलता का एक बड़ा कारण इसका डिजिटल परिवर्तन है। अस्पताल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक सर्जरी और ऑटोमेशन में भारी निवेश किया है। अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे और अनुसंधान (Research) पर निरंतर ध्यान देने के कारण मेदांता न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मरीजों के लिए भरोसे का केंद्र बना हुआ है।
