JAL अधिग्रहण विवाद: अडाणी ग्रुप की 14,535 करोड़ की बोली पर रोक से NCLAT का इनकार; वेदांता की याचिका पर जवाब तलब

JAL acquisition controversy: NCLAT refuses to stay Adani Group's Rs 14,535 crore bid; Reply sought on Vedanta's petition
 
JAL अधिग्रहण विवाद: अडाणी ग्रुप की 14,535 करोड़ की बोली पर रोक से NCLAT का इनकार; वेदांता की याचिका पर जवाब तलब

नई दिल्ली | 25 मार्च 2026   जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) के अधिग्रहण को लेकर कॉर्पोरेट जगत की दो दिग्गज कंपनियों, अडाणी और वेदांता के बीच कानूनी लड़ाई तेज हो गई है। राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) ने मंगलवार को अडाणी ग्रुप की 14,535 करोड़ रुपये की समाधान योजना पर अंतरिम रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है।

वेदांता की चुनौती और NCLAT का रुख

जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ ने वेदांता ग्रुप द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई की। वेदांता ने राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें अडाणी ग्रुप की बोली को मंजूरी दी गई थी। पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कर्जदाताओं की समिति (CoC) से एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है और अगली सुनवाई के लिए 10 अप्रैल 2026 की तारीख तय की है।

बोली का गणित: क्यों छिड़ी है जंग?

अदालत में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं:

  • वेदांता का तर्क (16,726 करोड़ रुपये): वेदांता के वकील ने दलील दी कि उनकी बोली अडाणी (14,535 करोड़) से कहीं अधिक थी। दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (IBC) के तहत मुख्य उद्देश्य संपत्तियों की 'अधिकतम कीमत' वसूलना है, जिसे बैंकों ने नजरअंदाज कर कम बोली वाली योजना को चुना।

  • कर्जदाताओं (CoC) का बचाव: बैंकों का कहना है कि केवल ऊंची बोली जीत का आधार नहीं होती। अडाणी की योजना में 6,000 करोड़ रुपये का नकद भुगतान और महज दो साल की भुगतान अवधि शामिल है, जबकि वेदांता का भुगतान प्लान 5 साल तक लंबा था।

89% वोटिंग के साथ अडाणी को मिली थी बढ़त

बता दें कि पिछले साल नवंबर में कर्जदाताओं ने 89 प्रतिशत वोटों के साथ अडाणी एंटरप्राइजेज के प्लान को हरी झंडी दिखाई थी। इलाहाबाद NCLT ने 17 मार्च को इसे आधिकारिक मंजूरी दी थी। जेएएल पर कुल 57,185 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया है, जिसके कारण जून 2024 में इसे दिवाला प्रक्रिया (Insolvency) में डाला गया था।

दांव पर लगी हैं बड़ी संपत्तियां

जयप्रकाश एसोसिएट्स के पास रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की बेशकीमती संपत्तियां हैं, जिनमें शामिल हैं:

  1. ग्रेटर नोएडा स्थित 'जेएपी ग्रीन्स'

  2. नोएडा का प्रसिद्ध 'विशटाउन' प्रोजेक्ट।

  3. जेवर एयरपोर्ट के पास स्थित 'इंटरनेशनल स्पोर्ट्स सिटी'

  4. होटल, सीमेंट और बिजली क्षेत्र के बड़े प्रोजेक्ट्स।

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