N Chandrasekaran Resigns as Tata Sons Chairman: टाटा सन्स के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने दिया इस्तीफा, फरवरी 2027 तक बने रहेंगे पद पर! जानिए इस्तीफे के पीछे की बड़ी वजह
N Chandrasekaran Resigns as Tata Sons Chairman: देश के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित कारोबारी समूहों में से एक टाटा ग्रुप (Tata Group) में एक बहुत बड़ा नेतृत्व परिवर्तन होने जा रहा है। टाटा सन्स के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन (N. Chandrasekaran) ने 12 अगस्त 2026 को अपने पद से इस्तीफा देकर कॉर्पोरेट जगत को चौंका दिया है।
हालांकि, उनका यह इस्तीफा तत्काल प्रभाव से लागू नहीं होगा। वह अपना मौजूदा कार्यकाल पूरा करेंगे और फरवरी 2027 तक चेयरमैन पद की जिम्मेदारियों का निर्वहन करते रहेंगे। चंद्रशेखरन ने स्पष्ट किया है कि वे इस पद पर दोबारा नियुक्ति नहीं मांगेंगे।
18 अगस्त की एजीएम से ठीक पहले बड़ा फैसला
चंद्रशेखरन का यह इस्तीफा टाटा सन्स की 18 अगस्त 2026 को होने वाली आगामी वार्षिक आम बैठक (AGM) से ठीक पहले आया है। इस बैठक में उनके बोर्ड निदेशक (Director) के रूप में पुनर्नियोजन पर विचार किया जाना प्रस्तावित था। चूंकि टाटा सन्स के चेयरमैन का पद बोर्ड में उनकी सदस्यता से सीधे जुड़ा हुआ है, इसलिए एजीएम से ठीक पहले लिया गया यह निर्णय बेहद रणनीतिक और महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
टाटा ट्रस्ट के साथ मतभेदों की भी रही चर्चाएं
कॉर्पोरेट गलियारों में पिछले कुछ समय से टाटा सन्स और समूह की मुख्य प्रमोटर संस्था टाटा ट्रस्ट (Tata Trusts) के बीच रणनीतिक मतभेदों की खबरें भी आती रही हैं।
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प्रमुख मुद्दे: टाटा सन्स की भविष्य की दिशा, नए कारोबारों में भारी पूंजी निवेश और समूह के गवर्नेंस जैसे कई अहम विषयों पर दोनों पक्षों के बीच अलग-अलग राय होने की चर्चा रही है।
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हिस्सेदारी का गणित: गौरतलब है कि टाटा सन्स में 'टाटा ट्रस्ट' की लगभग 66% हिस्सेदारी है। ऐसे में चेयरमैन के चयन और उनके कार्यकाल को लेकर ट्रस्ट की भूमिका हमेशा सबसे निर्णायक रहती है।
2017 से चंद्रशेखरन के कार्यकाल की मुख्य उपलब्धियां
एन. चंद्रशेखरन ने जनवरी 2017 में साइरस मिस्त्री के हटने के बाद टाटा सन्स की कमान संभाली थी। इससे पहले वह समूह की आईटी दिग्गज कंपनी टीसीएस (TCS) के सीईओ थे। उनके 9 वर्षों से अधिक के कार्यकाल में समूह ने कई ऐतिहासिक मील के पत्थर छुए:
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नए सेक्टर्स में एंट्री: एयरलाइंस, सेमीकंडक्टर निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरी, डिजिटल इकोसिस्टम और डिफेंस जैसे भविष्य के सेक्टर्स में अरबों डॉलर का बड़ा निवेश किया।
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एयर इंडिया की घर वापसी: घाटे में चल रही राष्ट्रीय विमानन कंपनी 'एयर इंडिया' का सफल अधिग्रहण चंद्रशेखरन के कार्यकाल की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक रहा।
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मजबूत वित्तीय प्रदर्शन: वित्त वर्ष 2025-26 में टाटा सन्स का स्टैंडअलोन मुनाफा 21.8% बढ़कर ₹31,961 करोड़ और कुल रेवेन्यू 9.1% बढ़कर ₹42,366.55 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
कौन होगा टाटा सन्स का अगला चेयरमैन?
एन. चंद्रशेखरन द्वारा कार्यकाल विस्तार न लेने की घोषणा के बाद अब कॉर्पोरेट जगत में सबसे बड़ा सवाल यही तैर रहा है कि फरवरी 2027 के बाद टाटा समूह की कमान किसके हाथों में होगी? फिलहाल टाटा बोर्ड द्वारा उनके उत्तराधिकारी (Successor) के नाम का ऐलान नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि बोर्ड जल्द ही नए चेयरमैन की तलाश के लिए एक चयन समिति (Selection Committee) का गठन कर सकता है।
