PhonePe New Rule: फोनपे वॉलेट यूजर्स को लग सकता है झटका! इनएक्टिव वॉलेट पर हर 3 महीने में कटेंगे ₹100; जानें क्या है नया नियम और कैसे बचें चार्ज से
देश के सबसे बड़े डिजिटल पेमेंट्स प्लेटफॉर्म्स में से एक 'PhonePe' का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए एक बेहद जरूरी और चौंकाने वाला अपडेट सामने आया है। यदि आपने फोनपे पर अपना वॉलेट एक्टिवेट कर रखा है और लंबे समय से उसका इस्तेमाल नहीं किया है, तो अब आपको जेब ढीली करनी पड़ सकती है। कंपनी ने अपनी वॉलेट पॉलिसी की शर्तों में बड़ा बदलाव किया है, जिसके तहत एक निश्चित समय सीमा तक निष्क्रिय रहने वाले वॉलेट अकाउंट्स पर मेंटेनेंस फीस (रखरखाव शुल्क) वसूलने की व्यवस्था की जा रही है।
इस नए नियम की जानकारी सामने आने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (जैसे X और Reddit) पर यूजर्स के बीच तीखी बहस और नाराजगी देखी जा रही है।
365 दिनों तक कोई ट्रांजैक्शन नहीं, तो वॉलेट माना जाएगा 'निष्क्रिय'
फोनपे की नई गाइडलाइंस के अनुसार, निष्क्रिय वॉलेट (Inactive Wallet) की परिभाषा और शर्तें इस प्रकार तय की गई हैं:
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12 महीने की समय सीमा: यदि किसी यूजर के फोनपे वॉलेट से लगातार 365 दिनों (1 वर्ष) तक कोई भी वित्तीय लेनदेन (Financial Transaction) नहीं होता है, तो उस वॉलेट को 'इनएक्टिव' या 'डॉरमेंट' (Dormant) श्रेणी में डाल दिया जाएगा।
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UPI ट्रांजैक्शन मान्य नहीं: ध्यान देने योग्य बात यह है कि केवल फोनपे ऐप को लॉगिन करना, ओपन करना या अपने बैंक खाते से सीधे 'UPI पेमेंट' करना वॉलेट एक्टिविटी के अंतर्गत नहीं गिना जाएगा। वॉलेट को एक्टिव रखने के लिए खुद वॉलेट बैलेंस से ही कोई ट्रांजैक्शन होना अनिवार्य होगा।
हर तिमाही कटेंगे ₹100; बैलेंस माइनस में नहीं जाएगा
नीतिगत बदलावों के मुताबिक, एक बार वॉलेट के इनएक्टिव होने के बाद कंपनी उस पर ₹100 प्रति तिमाही (Every 3 Months) की दर से मेंटेनेंस चार्ज वसूल सकती है। हालांकि, यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखने के लिए कंपनी कुछ नियम अपनाएगी:
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15 दिन पहले मिलेगा नोटिस: यूजर के वॉलेट से पैसे काटने से पहले कंपनी की तरफ से 15 दिनों का एक नोटिस पीरियड दिया जाएगा, जिसमें यूजर को सचेत किया जाएगा।
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उपलब्ध बैलेंस से होगी कटौती: यदि आपके वॉलेट में ₹100 या उससे ज्यादा की राशि है, तो पूरी फीस काट ली जाएगी। अगर आपके वॉलेट में ₹100 से कम (जैसे ₹40 या ₹50) हैं, तो केवल उतनी ही उपलब्ध राशि काटी जाएगी और वॉलेट बैलेंस शून्य (Zero) हो जाएगा।
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नेगेटिव बैलेंस नहीं होगा: कंपनी ने स्पष्ट किया है कि चार्ज वसूलने के चक्कर में आपके वॉलेट बैलेंस को कभी भी माइनस (Negative) में नहीं ले जाया जाएगा।
सोशल मीडिया पर क्यों हो रहा है विरोध?
इस नियम को लेकर आम यूजर्स काफी नाराज हैं। प्रसिद्ध टेक इन्फ्लुएंसर्स और यूजर्स का कहना है कि देश में अधिकांश लोग फोनपे का उपयोग केवल सीधे बैंक-टू-बैंक UPI ट्रांसफर के लिए करते हैं। कई लोगों को तो यह याद भी नहीं है कि उनके ऐप में कोई इनएक्टिव वॉलेट भी पड़ा है।
इसके अलावा, बड़ी परेशानी यह सामने आ रही है कि जब नाराज यूजर्स इस अनचाहे वॉलेट को हमेशा के लिए बंद (Close) करने की कोशिश कर रहे हैं, तो ऐप की तरफ से पहले पूर्ण केवाईसी (Full KYC) प्रक्रिया पूरी करने को कहा जा रहा है, जिससे लोग इसे आसानी से ऑप्ट-आउट भी नहीं कर पा रहे हैं।
इस मेंटेनेंस चार्ज से कैसे बचें?
अगर आप इस अवांछित शुल्क से बचना चाहते हैं, तो आपके पास दो बेहद सरल रास्ते हैं:
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वॉलेट से एक छोटा ट्रांजैक्शन करें: नोटिस पीरियड खत्म होने या 12 महीने पूरे होने से पहले अपने फोनपे वॉलेट में कुछ रुपये लोड करें या वॉलेट बैलेंस का उपयोग करके कोई भी छोटा रीचार्ज या मर्चेंट भुगतान कर दें। ऐसा करते ही आपका वॉलेट दोबारा एक्टिव हो जाएगा और कोई चार्ज नहीं कटेगा।
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बैलेंस का इस्तेमाल कर बंद करें: यदि आपके वॉलेट में कुछ पैसे पड़े हैं, तो उन्हें खर्च कर लें या अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर लें ताकि शून्य बैलेंस होने पर आपको किसी प्रकार का वित्तीय नुकसान न हो।
PhonePe पहला प्लेटफॉर्म नहीं है
फिनटेक और डिजिटल पेमेंट इंडस्ट्री में निष्क्रिय पड़े वॉलेट्स पर मेंटेनेंस फीस लगाना कोई नया कदम नहीं है। इससे पहले MobiKwik (साल 2021 में) और Airtel Payments Bank भी अपने यहां डॉरमेंट वॉलेट्स पर चार्ज वसूलने की नीतियां लागू कर चुके हैं। एयरटेल पेमेंट्स बैंक ने पहले प्रति तीन महीने पर ₹20 का चार्ज रखा था, जिसे बाद में सालाना रखरखाव शुल्क (AMC) मॉडल में तब्दील कर दिया गया था। डिजिटल कंपनियों का तर्क होता है कि निष्क्रिय पड़े करोड़ों अकाउंट्स के डेटा, सुरक्षा और सर्वर इंफ्रास्ट्रक्चर को मेंटेन करने में लागत आती है, जिसे कवर करने के लिए ये नियम बनाए जाते हैं।
