RBI Plastic Notes India: क्या आप भी कर रहे हैं प्लास्टिक के नोटों का इंतजार? जानें बाजार में कब आएंगे ₹10 और ₹20 के पॉलिमर नोट
कब तक बाजार में आएंगे प्लास्टिक के नोट?
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा के अनुसार, यदि सभी तैयारियां योजना के मुताबिक आगे बढ़ती हैं, तो रिजर्व बैंक अगले वित्त वर्ष (FY 2027-28) की शुरुआत (यानी अप्रैल-मई 2027) में पॉलिमर करेंसी नोटों को बाजार में जारी करने का लक्ष्य बना रहा है।
शुरुआती चरण में इन्हें एक 'पायलट प्रोजेक्ट' (फील्ड ट्रायल) के तौर पर भारतीय मौसम, जलवायु और दैनिक इस्तेमाल की परिस्थितियों में टेस्ट किया जाएगा। ट्रायल सफल रहने पर इन्हें बड़े पैमाने पर देश भर में सर्कुलेट किया जाएगा।
₹10 और ₹20 के 100-100 करोड़ नोट छापने का प्लान
हाल ही में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संसद में जानकारी दी थी कि सरकार ने ₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के पॉलिमर बैंक नोटों के फील्ड ट्रायल को हरी झंडी दे दी है:
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पायलट प्रोजेक्ट का दायरा: ₹10 के 100 करोड़ नोट (1 बिलियन) और ₹20 के 100 करोड़ नोट (1 बिलियन) छापे जाएंगे।
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दोहरी व्यवस्था: कागजी नोटों को पूरी तरह बंद नहीं किया जाएगा; शुरुआती दौर में कागजी और प्लास्टिक नोट दोनों एक साथ चलन में रहेंगे।
क्यों खास हैं पॉलिमर/प्लास्टिक नोट?
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3 से 4 गुना ज्यादा लाइफ: कागजी नोटों की तुलना में पॉलिमर नोट ज्यादा टिकाऊ और लचीले होते हैं। दुनिया के कई देशों में यह नोट 30 से अधिक वर्षों से चल रहे हैं और इनकी उम्र नॉर्मल नोटों से काफी ज्यादा होती है।
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छोटे नोटों के लिए सबसे उपयोगी: ₹10 और ₹20 जैसे कम मूल्यवर्ग के नोटों का इस्तेमाल रोजमर्रा के लेनदेन में सबसे ज्यादा होता है, जिससे कागजी नोट जल्दी कट-फट जाते हैं। पॉलिमर नोट पानी, नमी और गंदगी से खराब नहीं होते।
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बेहतर सिक्योरिटी फीचर्स: प्लास्टिक नोटों में ट्रांसपेरेंट विंडो और एडवांस्ड सिक्योरिटी फीचर्स दिए जा सकते हैं, जिससे नकली नोट (Counterfeiting) बनाना बेहद मुश्किल हो जाता है।
भारत में करेंसी सिस्टम को आधुनिक और टिकाऊ बनाने की दिशा में आरबीआई का यह कदम मील का पत्थर साबित हो सकता है। यदि अगले साल की शुरुआत में होने वाला यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा, तो जल्द ही भारतीय बाजारों में प्लास्टिक नोटों की झड़ी देखने को मिलेगी।
