Reliance AGM 2026: रिलायंस इंडस्ट्रीज का नया कीर्तिमान! राजस्व ₹11.75 लाख करोड़ के पार, शुद्ध मुनाफे में 18% का बंपर उछाल

Reliance AGM 2026: New record of Reliance Industries! Revenue crosses ₹11.75 lakh crore, bumper jump of 18% in net profit
 
Reliance AGM 2026: रिलायंस इंडस्ट्रीज का नया कीर्तिमान! राजस्व ₹11.75 लाख करोड़ के पार, शुद्ध मुनाफे में 18% का बंपर उछाल

दिग्गज कारोबारी मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली देश की सबसे बड़ी निजी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया है। कंपनी ने इस साल अब तक का सबसे अधिक राजस्व, रिकॉर्ड EBITDA और ऐतिहासिक मुनाफा दर्ज किया है।

रिलायंस की वार्षिक आम बैठक (AGM) में इन नतीजों की घोषणा करते हुए चेयरमैन मुकेश अंबानी ने शेयरधारकों को बताया कि जियो (Jio) और रिटेल (Retail) कारोबार अब कंपनी की ग्रोथ के मुख्य इंजन बन चुके हैं।

राजस्व और मुनाफे में ऐतिहासिक बढ़ोतरी: मुख्य आंकड़े

रिलायंस ने वित्त वर्ष 2025-26 में अपने सभी पुराने रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ते हुए वित्तीय मोर्चे पर नए शिखर छुए हैं:

  • रिकॉर्ड राजस्व (Consolidated Revenue): कंपनी का कुल सालाना राजस्व 9.8% की बढ़त के साथ ₹11,75,919 करोड़ के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है।

  • शुद्ध मुनाफा (Net Profit): रिलायंस का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 17.8% बढ़कर ₹95,754 करोड़ हो गया है। मजबूत रणनीतिक निवेश और बेहतर परिचालन क्षमता को इस मुनाफे की मुख्य वजह माना जा रहा है।

5 साल में दोगुना से अधिक हुआ EBITDA

कंपनी की वित्तीय सेहत को दर्शाने वाला EBITDA (कमाई) पिछले 5 वर्षों में दोगुने से भी ज्यादा हो चुका है। वित्त वर्ष 2020-21 में जहां कंपनी का EBITDA ₹97,580 करोड़ था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में यह ₹2,07,911 करोड़ पर पहुंच गया है।

मुकेश अंबानी के अनुसार, इस शानदार आंकड़े को हासिल करने में डिजिटल सेवाओं (जियो) और रिलायंस रिटेल का सबसे बड़ा योगदान रहा है। वर्तमान में रिलायंस के कुल EBITDA में इन दोनों कंज्यूमर व्यवसायों की हिस्सेदारी लगभग 50 प्रतिशत हो चुकी है।

देश के विकास में सबसे आगे: भारी निवेश और सरकारी खजाने में योगदान

रिलायंस इंडस्ट्रीज न केवल कॉर्पोरेट सेक्टर में बल्कि राष्ट्र निर्माण और भारतीय अर्थव्यवस्था को गति देने में भी सबसे आगे खड़ी दिखाई दे रही है:

  • पूंजीगत खर्च (Capex): वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का कैपेक्स ₹1,44,271 करोड़ रहा। पिछले 5 सालों में कंपनी देश के भीतर ₹6.48 लाख करोड़ से अधिक का भारी-भरकम निवेश कर चुकी है।

  • निर्यात (Exports): रिलायंस ने FY26 में ₹2,78,808 करोड़ का निर्यात किया, जो भारत के कुल मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट का लगभग 6.7 प्रतिशत हिस्सा है।

  • राजस्व योगदान: कंपनी ने टैक्स और विभिन्न शुल्कों के माध्यम से सरकारी खजाने में ₹2,16,472 करोड़ का बड़ा योगदान दिया है।

भविष्य की राह डिजिटल और नई तकनीक पर फोकस

एजीएम के दौरान भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए मुकेश अंबानी ने स्पष्ट किया कि रिलायंस की आगामी ग्रोथ अब पूरी तरह से डिजिटल सेवाओं, रिटेल, नई तकनीकों और उपभोक्ता केंद्रित (Consumer-centric) व्यापार से संचालित होगी। एक मजबूत बैलेंस शीट, उच्चतम क्रेडिट रेटिंग और लगातार बढ़ता कैश फ्लो आने वाले समय में रिलायंस को और अधिक ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार है।

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