Silver Price Today: चांदी में निवेश करने का सोच रहे हैं? तो पहले पढ़ लें एक्सपर्ट अजय केडिया की यह रिपोर्ट; अगले 3 महीने आ सकती है बड़ी गिरावट

Silver Price Today: Thinking of investing in silver? Read this report by expert Ajay Kedia first; a significant drop could occur over the next three months.
 
Silver Price Today

वैश्विक स्तर पर मचे भू-राजनीतिक संकट (Geo-political Crisis) और पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने दुनिया भर की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है। इस उथल-पुथल का सीधा असर सर्राफा बाजार पर भी देखने को मिल रहा है, जहां सोने और चांदी की कीमतों में लगातार मंदी का दौर जारी है।

इस साल जनवरी में 121.65 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर को छूने के बाद से चांदी की कीमतों में अब तक 44.30 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की जा चुकी है, और वर्तमान में यह 67.70 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही है। ऐसे में छोटे निवेशक असमंजस में हैं कि चांदी में पैसा लगाने का यह सही समय है या नहीं? आइए जानते हैं इस पर कमोडिटी मार्केट एक्सपर्ट अजय केडिया की क्या राय है।

अगले 3 महीने चांदी में रहेगी मंदी, नई खरीदारी से बचें निवेशक

केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के अनुसार, निवेशकों को अभी चांदी में नई खरीदारी करने से पूरी तरह बचना चाहिए। उन्होंने एक विशेष रिसर्च रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि आगामी 3 महीने चांदी के लिए बेहद सतर्क रहने वाले और मंदी से भरे हो सकते हैं।

विशेषज्ञ ने छोटे निवेशकों को सलाह दी है कि:

  • वर्तमान माहौल को देखते हुए चांदी खरीदने में जल्दबाजी बिल्कुल न करें।

  • यदि हाल-फिलहाल में बाजार में कोई शॉर्ट-टर्म रिकवरी या हल्की तेजी आती है, तो समझदारी इसी में है कि निवेशक अपनी पोजीशन बेचकर बाहर निकल जाएं।

क्यों गिर रहे हैं चांदी के दाम? जानें मुख्य वजहें

अजय केडिया ने चांदी की कीमतों में आ रही इस लगातार गिरावट के पीछे तीन प्रमुख वैश्विक कारणों को रेखांकित किया है:

  1. मजबूत अमेरिकी डॉलर: इंटरनेशनल मार्केट में अमेरिकी डॉलर का लगातार मजबूत होना।

  2. सिल्वर ईटीएफ (Silver ETF) में बिकवाली: वैश्विक स्तर पर सिल्वर ईटीएफ में बड़े पैमाने पर हो रही भारी बिकवाली।

  3. मैन्यूफैक्चरिंग में गिरावट: ग्लोबल लेवल पर मैन्यूफैक्चरिंग (औद्योगिक उत्पादन) गतिविधियों में आई सुस्ती, जिससे चांदी की औद्योगिक मांग घटी है।

एक्सपर्ट का मानना है कि निकट भविष्य में चांदी का दोबारा अपने ऑल-टाइम हाई पर पहुंचना बेहद मुश्किल है। बाजार में सुधार तभी संभव है, जब चांदी की वीकली क्लोजिंग (Weekly Closing) 78 डॉलर प्रति औंस के पार स्थापित हो।

48.60 डॉलर तक गिर सकता है भाव; 62.55 डॉलर है बड़ा सपोर्ट

रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, चांदी के लिए नीचे की तरफ 62.55 डॉलर प्रति औंस का स्तर एक बेहद महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल है।

  • बड़ी गिरावट की आशंका: यदि चांदी की कीमतें इस 62.55 डॉलर के सपोर्ट को तोड़कर नीचे आती हैं, तो बाजार में पैनिक सेलिंग (भारी बिकवाली) शुरू हो सकती है।

  • ऐतिहासिक सपोर्ट: ऐसी स्थिति में अगले 3 महीनों के भीतर चांदी का भाव गिरकर 48.60 डॉलर प्रति औंस के ऐतिहासिक सपोर्ट लेवल तक आ सकता है।

एक्सपर्ट टिप: अजय केडिया के मुताबिक, यदि चांदी 48.60 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आती है, तो वह निवेश के लिहाज से सबसे सुरक्षित और सबसे सस्ता स्तर होगा। निवेशकों को उस स्तर पर लॉन्ग-टर्म के लिए खरीदारी शुरू करनी चाहिए।

2027 से 2029 तक रहेगा चांदी का 'गोल्डन पीरियड', 170 डॉलर का है लक्ष्य

लॉन्ग-टर्म (दीर्घकालिक) निवेशकों के लिए अजय केडिया ने एक बेहद सकारात्मक और बड़ी भविष्यवाणी भी की है। उन्होंने बताया कि भले ही मौजूदा समय मंदी का हो, लेकिन साल 2027 से लेकर साल 2029 तक का समय चांदी के लिए एक ऐतिहासिक 'सुहरा दौर' साबित होगा।

इस अवधि के दौरान, वैश्विक मांग और आर्थिक सुधारों के चलते चांदी की कीमतें 120 डॉलर से लेकर 170 डॉलर प्रति औंस तक के स्तर को छू सकती हैं। इसलिए, यदि कोई निवेशक मंदी के इस दौर में (विशेषकर 48.60 डॉलर के आसपास) धैर्य के साथ निवेश करता है, तो उसे भविष्य में बंपर और मोटा मुनाफा मिलना तय है।

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