Swiggy Instamart vs Blinkit: 10 मिनट डिलीवरी में ब्लिंकिट से पिछड़ी स्विगी, मुनाफे में आने के लिए बनाया बड़ा मास्टरप्लान
Swiggy Instamart Business Strategy: क्विक कॉमर्स (10-Minute Delivery) के दौर में घर बैठे मिनटों में राशन और सामान मंगाना लोगों की आदत बन चुका है। लेकिन इस बिजनेस मॉडल को चला रही कंपनियों के लिए लगातार घाटे से उबरकर मुनाफे (Breakeven) तक पहुँचना एक बेहद कठिन चुनौती साबित हो रहा है।
ऑनलाइन फूड व ग्रॉसरी डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी (Swiggy) के क्विक कॉमर्स वर्टिकल 'इंस्टामार्ट' (Instamart) को पूरी तरह मुनाफे में आने के लिए अपने मौजूदा कारोबार को 2.6 गुना बढ़ाना होगा। खास बात यह है कि कंपनी अब ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए भारी डिस्काउंट या अंधाधुंध कैशबैक की राह पर नहीं चलेगी।
मुनाफे के लिए कारोबार 2.6 गुना बढ़ाने की जरूरत
रिपोर्टों के अनुसार, इंस्टामार्ट को ब्रेक-ईवन तक पहुंचने के लिए अपनी वार्षिक नेट ऑर्डर वैल्यू लगभग 23,400 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 60,000 करोड़ रुपये करनी होगी। इसके साथ ही प्रति तिमाही ऑर्डर की संख्या 11.5 करोड़ से बढ़ाकर 25–30 करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य है।
कंपनी का कहना है कि यह लक्ष्य बड़े पैमाने पर डिस्काउंट और कैशबैक दिए बिना हासिल करने की कोशिश की जाएगी।
ब्लिंकिट फिलहाल बाजार में आगे
क्विक कॉमर्स बाजार में ब्लिंकिट फिलहाल स्विगी इंस्टामार्ट से काफी आगे है।
- ब्लिंकिट का कारोबार इंस्टामार्ट की तुलना में लगभग तीन गुना बड़ा बताया जा रहा है।
- जून तिमाही में ब्लिंकिट की नेट ऑर्डर वैल्यू लगभग 17,100 करोड़ रुपये रही।
- इसी अवधि में इंस्टामार्ट की नेट ऑर्डर वैल्यू करीब 5,850 करोड़ रुपये रही।
- ब्लिंकिट ने एक तिमाही में 200 नए स्टोर शुरू किए, जबकि इंस्टामार्ट ने 28 नए स्टोर खोले।
- नए ग्राहकों को जोड़ने में भी ब्लिंकिट ने लगभग 46 लाख नए उपभोक्ता जोड़े, जबकि इंस्टामार्ट करीब 2 लाख नए ग्राहक ही जोड़ सका।
हर ऑर्डर से अधिक कमाई पर फोकस
स्विगी की योजना प्रत्येक ऑर्डर से लगभग 30 रुपये अतिरिक्त कमाई या बचत करने की है। इसके लिए कंपनी तीन प्रमुख क्षेत्रों पर काम कर रही है—
- बेहतर मार्जिन वाले उत्पादों की बिक्री बढ़ाना।
- विज्ञापन से अतिरिक्त आय बढ़ाना।
- गोदामों (वेयरहाउस) के बेहतर उपयोग और ऑटोमेशन से लागत कम करना।
इस रणनीति का मतलब है कि भविष्य में ग्राहकों को पहले जैसी भारी छूट और कैशबैक कम देखने को मिल सकते हैं।
बिना भारी डिस्काउंट के ग्राहक बढ़ाने की कोशिश
कंपनी अब ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नए उपाय अपना रही है, जिनमें शामिल हैं—
- वॉलेट टॉप-अप ऑफर
- सेवर पास जैसी सदस्यता योजनाएं
- निजी ब्रांड (Private Label) उत्पादों का विस्तार
- ब्रांड साझेदारी के जरिए अतिरिक्त सुविधाएं
स्विगी का मानना है कि लंबे समय में यह मॉडल अधिक टिकाऊ साबित हो सकता है।
मुनाफे तक पहुंचने में लग सकता है समय
विश्लेषकों का अनुमान है कि इंस्टामार्ट को पूर्ण लाभप्रदता हासिल करने में वित्त वर्ष 2029–30 तक का समय लग सकता है। वर्तमान में कंपनी हर तिमाही परिचालन पर भारी खर्च कर रही है, जबकि बाजार में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है।
बदल रहा है क्विक कॉमर्स बाजार
भारत में क्विक कॉमर्स बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है। उपभोक्ता अब 10–15 मिनट में किराना, फल-सब्जियां, दवाइयां और अन्य दैनिक उपयोग का सामान घर मंगाने को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे में कंपनियां केवल तेज डिलीवरी ही नहीं, बल्कि टिकाऊ बिजनेस मॉडल और लाभप्रदता पर भी समान रूप से ध्यान दे रही हैं।
