Swiggy vs Bengaluru Hotels: स्विगी के खिलाफ लामबंद हुए बेंगलुरु के होटल! 15 अगस्त से सेवाएं ठप करने की दी चेतावनी, जानें क्या है पूरा विवाद

Swiggy vs. Bengaluru Hotels: Bengaluru hotels unite against Swiggy! They have threatened to halt services starting August 15; here is the full story behind the dispute.
 
Swiggy vs Bengaluru Hotels:

Bengaluru Hotels Ultimatim to Swiggy: ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी (Swiggy) की मुश्किलें आने वाले दिनों में बढ़ सकती हैं। बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन (BHA) ने कंपनी को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि होटल मालिकों की लंबे समय से चली आ रही शिकायतों का समाधान नहीं किया गया, तो शहर के प्रमुख होटल 15 अगस्त से स्विगी के साथ कारोबार पूरी तरह बंद कर देंगे।

होटल संचालकों का आरोप है कि हिडन चार्जेस, एक्स्ट्रा फीस और पेमेंट में पारदर्शिता न होने की वजह से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

 15 अगस्त तक का दिया अल्टीमेटम

बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि स्विगी को अपनी कार्यप्रणाली और भुगतान व्यवस्था में सुधार के लिए 15 अगस्त तक की डेडलाइन दी गई है।

  • यदि कंपनी तय समयसीमा के भीतर आवश्यक कदम नहीं उठाती, तो एसोसिएशन से जुड़े सभी रेस्टोरेंट और होटल स्विगी प्लेटफॉर्म के जरिए ऑर्डर स्वीकार करना बंद कर देंगे।

  • एसोसिएशन का कहना है कि उनका मकसद विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि निष्पक्ष, न्यायसंगत और पारदर्शी बिजनेस मॉडल सुनिश्चित करना है।

 होटल मालिकों की मुख्य शिकायतें और मांगें

  1. बिना सहमति विज्ञापन फीस की कटौती: एसोसिएशन का आरोप है कि होटल संचालकों की लिखित या डिजिटल अनुमति के बिना उन्हें CPC, CPA और अन्य प्रोमोशनल स्कीमों में जोड़ दिया जाता है और उनके पेआउट में से पैसे काट लिए जाते हैं।

  2. ऑप्ट-आउट का आसान विकल्प: होटल मालिकों की मांग है कि जो रेस्टोरेंट विज्ञापन सेवा नहीं लेना चाहते, उन्हें सिंगल-क्लिक में इससे बाहर निकलने (Opt-Out) का विकल्प दिया जाना चाहिए।

  3. पारदर्शी पेआउट रिपोर्ट: कमीशन, जीएसटी, एडवरटाइजिंग फीस और ऑफर्स का पूरा ब्रेकअप स्पष्ट रूप से दिखाया जाना चाहिए ताकि कटौतियों का सही हिसाब मिल सके।

  4. GST पर एक्स्ट्रा सर्विस चार्ज: एसोसिएशन ने ग्राहकों से वसूले जाने वाले जीएसटी पर अतिरिक्त सर्विस चार्ज लगाए जाने को भी अनुचित बताया है।

 ₹1 लाख के ऑर्डर पर सिर्फ ₹40-50 हजार की बचत!

होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों का दावा है कि भारी कटौतियों के कारण स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि कई बार ₹1 लाख के ऑर्डर पर होटल मालिकों को महज ₹40,000 से ₹50,000 ही मिल पाते हैं। लगातार बढ़ रही कटौतियों के कारण छोटे और मध्यम श्रेणी के रेस्टोरेंट व्यवसायियों पर आर्थिक संकट गहरा रहा है।फिलहाल इस अल्टीमेटम पर स्विगी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, एसोसिएशन ने संकेत दिए हैं कि अगर स्विगी 15 अगस्त से पहले उनकी मांगों का उचित समाधान निकाल लेती है, तो सेवाएं सुचारू रूप से जारी रखी जाएंगी।

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