यूपी के ग्रामीणों और किसानों की चमकी किस्मत! सरकार ने बढ़ाई MSP खरीद की तारीख, 6 लाख से अधिक परिवारों को मिलेंगे पक्के मकान
अब 8 जुलाई 2026 तक एमएसपी पर फसल बेच सकेंगे किसान
पीटीआई (PTI) की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश में गेहूं, चना और मसूर की एमएसपी पर चल रही खरीद प्रक्रिया की अंतिम तिथि को 24 जून से विस्तारित करके 8 जुलाई 2026 कर दिया है। फसल कटाई के बाद मंडियों में अचानक बढ़ी भीड़, खराब मौसम की मार और तौल केंद्रों पर होने वाली देरी के कारण कई किसान अपनी उपज समय पर सरकारी केंद्रों तक नहीं पहुंचा पा रहे थे।
समय-सीमा बढ़ने से अब किसानों को हड़बड़ी नहीं करनी होगी। वे आसानी से अपनी फसल सरकारी सेंटर्स पर बेचकर सीधे तौर पर एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) का पूरा लाभ उठा सकेंगे और बिचौलियों के चंगुल से बचेंगे।
देश की खाद्य सुरक्षा और यूपी का 38% योगदान
केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उत्तर प्रदेश की कृषि क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि देश के कुल गेहूं उत्पादन में अकेले यूपी की हिस्सेदारी लगभग 38 प्रतिशत है। इसलिए भारत की खाद्य सुरक्षा को अक्षुण्ण रखने और किसानों की आय को दोगुना करने के लिए उत्तर प्रदेश के कृषि तंत्र को मजबूत करना बेहद जरूरी है।
उत्तर प्रदेश के लिए बनेगा लॉन्ग टर्म 'कृषि रोडमैप'
केंद्र और राज्य सरकार मिलकर यूपी के कृषि क्षेत्र के कायाकल्प के लिए एक दीर्घकालिक योजना (Long Term Roadmap) तैयार कर रही हैं। इसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित होंगे:
वैज्ञानिक फसल चक्र (Crop Rotation) को बढ़ावा देना।
आधुनिक सिंचाई पद्धतियां और जल संरक्षण पर जोर।
उन्नत किस्म के बीजों और आधुनिक कृषि तकनीकों की उपलब्धता।
कृषि विपणन (Agriculture Marketing) को सुगम बनाना।
जल संकट और एल नीनो से निपटने का चक्रव्यूह
मौसम में आ रहे बदलावों, संभावित 'एल नीनो' के असर, कम वर्षा और गिरते भूजल स्तर को देखते हुए सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इसके लिए जिला स्तर पर विशेष एक्शन प्लान तैयार किए जा रहे हैं। किसानों को अब ऐसी फसलों की खेती करने के लिए प्रेरित किया जाएगा जो कम समय और बेहद कम पानी में पककर तैयार हो जाती हैं। स्थानीय मिट्टी और पानी की उपलब्धता के आधार पर वैकल्पिक फसलों का चयन किया जाएगा।
पीएम आवास योजना के तहत 6.18 लाख नए घरों को मंजूरी
उत्तर प्रदेश के ग्रामीण विकास की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के नए चरण (वर्ष 2024-25 से 2028-29) के अंतर्गत 6,18,482 नए पक्के मकानों को स्वीकृति दे दी गई है।सरकार ने ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों या झुग्गी-झोपड़ियों में रह रहे पात्र परिवारों का जमीनी सर्वे पूरा कर लिया है। इन चिन्हित लाभार्थियों को अब अपना पक्का आशियाना बनाने के लिए सीधे वित्तीय सहायता दी जाएगी।
केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार इस पूरी योजना के लिए पर्याप्त वित्तीय और तकनीकी सहायता देगी। साथ ही, मकानों के निर्माण में उच्च गुणवत्ता बनी रहे और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो, इसकी सख्त निगरानी की जाएगी।
केंद्र सरकार के इन दोहरे फैसलों से जहां एक ओर उत्तर प्रदेश के किसानों को अपनी फसलों का सही दाम पाने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है, वहीं दूसरी ओर लाखों गरीब परिवारों का अपने पक्के घर का सपना बहुत जल्द हकीकत में बदलने जा रहा है।
