यमुना एक्सप्रेसवे पर सफर हो सकता है महंगा, टोल दरों में 5% तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव
जानकारी के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर पिछली बार अक्टूबर 2024 में टोल दरों में करीब 3.78 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी। अब एक बार फिर नई दरें लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। टोल वसूली का कार्य जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) द्वारा किया जा रहा है। कंपनी ने सुरक्षा, रखरखाव और संचालन लागत बढ़ने का हवाला देते हुए टोल दरों में संशोधन की मांग की है।
प्रस्तावित नई टोल दरें इस प्रकार हो सकती हैं:
- दोपहिया वाहन: ₹247.5 से बढ़कर ₹256.16
- कार/जीप: ₹486.75 से बढ़कर ₹503.79
- हल्के कमर्शियल वाहन: ₹759 से बढ़कर ₹785.57
- बस/ट्रक: ₹1542.75 से बढ़कर ₹1596.75
- भारी वाहन: ₹2351.25 से बढ़कर ₹2433.54
प्रबंधन का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर लगातार बढ़ते ट्रैफिक, सड़क सुरक्षा, मरम्मत और आधुनिक सुविधाओं पर खर्च बढ़ने के कारण टोल दरों में बदलाव जरूरी हो गया है। अधिकारियों के मुताबिक, बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता पड़ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू होने के बाद यमुना एक्सप्रेसवे पर वाहनों की संख्या कई गुना बढ़ सकती है। ऐसे में ट्रैफिक प्रबंधन और रखरखाव के लिए अधिक निवेश की जरूरत पड़ेगी। हालांकि, संभावित टोल वृद्धि की खबर से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की चिंता बढ़ गई है। खासकर दिल्ली-एनसीआर, नोएडा और आगरा के बीच नियमित यात्रा करने वाले लोगों को हर महीने अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है।
