पूर्व विधायक गुड्डू पंडित के खिलाफ FIR दर्ज, पत्नी से मारपीट के वायरल वीडियो के बाद पुलिस की कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में पूर्व विधायक गुड्डू पंडित की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पत्नी अर्चना पंडा के साथ कथित मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। नगर कोतवाली पुलिस ने अर्चना पंडा की शिकायत के आधार पर मारपीट और गाली-गलौज से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वायरल वीडियो के बाद सामने आया मामला
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में गुड्डू पंडित और उनकी पत्नी अर्चना पंडा के बीच कथित विवाद दिखाई दे रहा है। वीडियो में पूर्व विधायक द्वारा पत्नी के साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है। वहीं, अर्चना पंडा भी कथित तौर पर झाड़ू से प्रतिक्रिया देती हुई नजर आती हैं।वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया और पुलिस ने शिकायत मिलने पर कार्रवाई शुरू की।
दो बार विधायक रह चुके हैं गुड्डू पंडित
गुड्डू पंडित उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चित नाम रहे हैं। वह समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर दो बार विधायक रह चुके हैं।मामले में सामने आई महिला की पहचान अर्चना पंडा के रूप में हुई है। वह कांग्रेस से जुड़ी हुई हैं और कांग्रेस महिला सभा की प्रदेश उपाध्यक्ष बताई गई हैं।
सीओ सिटी ने दी FIR की जानकारी
बुलंदशहर के सीओ सिटी प्रखर पांडेय के मुताबिक, पीड़िता की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि मारपीट और गाली-गलौज से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।पुलिस अब वायरल वीडियो समेत मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर सकती है।
पुराने मामले में भी सुर्खियों में रहे हैं पूर्व विधायक
गुड्डू पंडित इससे पहले भी कानूनी विवादों को लेकर चर्चा में रह चुके हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2011 के एक मामले में उन पर एक उम्मीदवार को चुनाव नहीं लड़ने के लिए कथित तौर पर दबाव बनाने का आरोप लगा था। इस मामले में विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए 14 महीने की सजा सुनाई थी।फिलहाल पत्नी से कथित मारपीट के ताजा मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस की जांच जारी है। आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
