मेरठ में पुलिस एनकाउंटर पर उठे सवाल, पैर में गोली लगने के बाद कचहरी में तेजी से चलता दिखा इनामी आरोपी
15 हजार के इनामी फिरोज का वीडियो वायरल, डीआईजी कलानिधि नैथानी ने मुठभेड़ में शामिल सात पुलिसकर्मियों से मांगा स्पष्टीकरण
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में पुलिस मुठभेड़ के बाद 15 हजार रुपये के इनामी आरोपी फिरोज का कचहरी में तेजी से चलते हुए वीडियो सामने आने से पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ के दौरान फिरोज के पैर में गोली लगी थी। हालांकि, अदालत में पेशी के दौरान सामने आए वीडियो में वह पुलिसकर्मियों के साथ तेजी से चलता दिखाई दे रहा है। मामले का संज्ञान लेते हुए डीआईजी कलानिधि नैथानी ने मुठभेड़ में शामिल सात पुलिसकर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा है।
स्क्रैप कारोबारी पर गोली चलाने के मामले में गिरफ्तारी
मामला मेरठ के लोहिया नगर थाना क्षेत्र में स्क्रैप कारोबारी हारुन को गोली मारने की घटना से जुड़ा है। आरोप है कि कमेटी की रकम को लेकर हुए विवाद में हारुन पर गोली चलाई गई थी। इस मामले में इरशाद, उसके बेटे रविश और भाई फिरोज के नाम सामने आए थे। पुलिस ने इरशाद और फिरोज पर 15-15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
पुलिस के अनुसार, लोहिया नगर थाना पुलिस और स्वाट टीम ने फिरोज को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया। इसके बाद हथियार बरामद कराने के लिए उसे बजौट गांव के अंडरपास के पास ले जाया गया।
पुलिस का दावा—आरोपी ने की थी फायरिंग
पुलिस का दावा है कि हथियार बरामदगी की कार्रवाई के दौरान फिरोज ने तमंचे से पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जो उसके पैर में लगी। इसके बाद घायल आरोपी को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया।
उसी दिन फिरोज को अदालत में पेश करने के लिए कचहरी लाया गया। यहां का वीडियो सामने आने के बाद चर्चा शुरू हो गई कि पैर में गोली लगने के बावजूद आरोपी तेजी से कैसे चल रहा है। वीडियो के आधार पर मुठभेड़ के दौरान हुई कार्रवाई और आरोपी की चोट को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
सात पुलिसकर्मियों से मांगा गया स्पष्टीकरण
मामले को गंभीरता से लेते हुए डीआईजी कलानिधि नैथानी ने मुठभेड़ में शामिल सात पुलिसकर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा है। इनमें उपनिरीक्षक मनीष सिंह, शिवम पाठक, सतेन्द्र सिंह और कुलदीप सिंह के अलावा हेड कांस्टेबल नवनीत, मयंक शर्मा और अभिषेक राणा शामिल हैं।
फिलहाल सामने आए वीडियो और पुलिस की कार्रवाई को लेकर उठ रहे सवालों पर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। पुलिसकर्मियों के स्पष्टीकरण और जांच के बाद ही मुठभेड़ की परिस्थितियों तथा आरोपी को लगी चोट से जुड़े तथ्यों की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।
