बहन के इलाज के नाम पर सोशल मीडिया पर मांगी मदद, करीब डेढ़ लाख रुपये जुटाने का आरोप; जय सिंह राठौर गिरफ्तार
X पर की गई थी मदद की अपील
रिपोर्टों के मुताबिक जय सिंह राठौर ने X पर पोस्ट के जरिए दावा किया था कि उसकी बहन को ग्लूकोमा और विट्रियस हेमरेज जैसी आंखों की बीमारी है और समय पर इलाज नहीं होने पर उसकी रोशनी प्रभावित हो सकती है। इलाज के लिए आर्थिक सहायता की अपील के बाद कई लोगों ने उसके बताए माध्यम से पैसे भेजे।
मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस अपील और जुटाई गई रकम को लेकर सवाल उठने लगे। कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि इस अभियान के जरिए करीब डेढ़ लाख रुपये से अधिक की राशि जमा हुई।
पत्रकार की पड़ताल के बाद उठे सवाल
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पत्रकार मदन मोहन सोनी ने उस आई सेंटर से संपर्क किया, जहां राठौर ने अपनी बहन का इलाज होने का दावा किया था। वहां मरीज और इलाज से संबंधित दावे को लेकर कथित तौर पर पुष्टि नहीं हो सकी।इसके बाद मामले ने तूल पकड़ा और राठौर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक आगरा पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है।
मेडिकल दस्तावेजों पर भी उठे सवाल
मामले की चर्चा के दौरान कथित मेडिकल दस्तावेजों और इलाज से संबंधित दावों की प्रामाणिकता पर भी सवाल उठे। कुछ रिपोर्टों में संबंधित दस्तावेजों को लेकर अस्पताल/आई सेंटर की ओर से आपत्ति सामने आने की बात कही गई है। हालांकि, इन दस्तावेजों की अंतिम कानूनी स्थिति और मामले में लगाए गए आरोपों का निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।
असली जरूरतमंदों पर पड़ सकता है असर
सोशल मीडिया के जरिए गंभीर बीमारी या इलाज के लिए आर्थिक मदद जुटाना आज आम हो गया है। ऐसे अभियानों में लोग भरोसा करके आर्थिक सहायता करते हैं। यदि किसी मामले में बीमारी या इलाज से जुड़े दावे गलत पाए जाते हैं, तो इससे न केवल दान देने वाले लोगों के साथ धोखाधड़ी का आरोप बनता है, बल्कि वास्तविक जरूरतमंद मरीजों के लिए चलाए जाने वाले सहायता अभियानों की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ सकता है।
फिलहाल जय सिंह राठौर की गिरफ्तारी के बाद इस मामले की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर बनी हुई है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।
